नीमच

किसानों को बड़ा तोहफा, सूखी अफीम से निकाल सकेंगे खसखस; नहीं लगेगी नारकोटिक्स की अनुमति

MP News: मध्य प्रदेश के अफीम उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी गई है।
2 min read
• •
Mar 14, 2026
neemuch news

MP News: मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में हजारों अफीम उत्पादक किसानों को एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित राहत मिली है। सीपीएस (बिना चीरा) पद्धति के तहत अफीम की खेती करने वाले किसान अब बिना किसी विभागीय आदेश या नारकोटिक्स अमले के इंतजार के, अपने सूखे डोडों की कटाई कर उनमें से खसखस (पोस्तादाना) निकाल सकेंगे। मंदसौर-नीमच क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने किसानों को यह सौगात देते हुए स्पष्ट किया है कि जिन खेतों में डोडे सूख चुके हैं, वहां किसान तुरंत यह प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

किसानों का डर खत्म

इस अहम फैसले के बाद किसानों का वह बड़ा डर और असमंजस खत्म हो गया है, जिसके तहत उन्हें लगता था कि बिना विभागीय मौजूदगी के डोडा फोड़ने पर उन पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। पहले विभागीय आदेशों और कैंप लगने की लेटलतीफी के चलते पकी हुई फसलें हफ्तों तक खेतों में खड़ी रहती थीं। इससे बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान या तोतों द्वारा फसल खराब किए जाने और चोरी का भारी खतरा मंडराता रहता था।

खाली डोडे सुरक्षित रखना होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत किसान अब अपनी मर्जी और सुविधा के अनुसार खेत पर या डोडों को घर ले जाकर उनमें से अपना कीमती पोस्तादाना निकाल सकते हैं। हालांकि, इसके साथ एक बेहद अहम शर्त भी जुड़ी है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि दाना निकालने के बाद बचे हुए 'खाली डोडों' (छिलकों) को किसानों को पूरी तरह सुरक्षित रखना होगा। भविष्य में जब भी नारकोटिक्स विभाग कैंप लगाकर इन डोडों की मांग करेगा, तब किसानों को इन्हें तौल केंद्रों पर सुरक्षित रूप से विभाग को सौंपना होगा।

हर काम में सरकारी दखल जरूरी नहीं

उल्लेखनीय है कि जब सीपीएस पद्धति नई-नई लागू हुई थी, तब यह चर्चा थी कि पूरे डोडे को (मय दाने के) मशीनों से प्रोसेस किया जाएगा। इससे किसानों में भारी आक्रोश था कि उनकी आय के मुख्य और वैध जरिए 'खसखस' का क्या होगा। अब सांसद द्वारा स्पष्ट की गई इस नई व्यवस्था से किसानों ने राहत की सांस ली है। सांसद ने किसानों की ईमानदारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि हर काम में सरकारी दखल जरूरी नहीं है। अब किसान अपनी उपज सुरक्षित कर सकेंगे और उनका आर्थिक नुकसान भी नहीं होगा।

Updated on:
14 Mar 2026 05:42 pm
Published on:
14 Mar 2026 05:42 pm