
नीमच. वैसे तो जिला अस्पताल की व्यवस्था का जिम्मा वहां के प्रबंधन का है, लेकिन पिछले एक पखवाड़े में दो ऐसी घटनाएं सामने आईं है जिसने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर हिमांश चंद्रा ने कमान अपने हाथों में ली है। आला अधिकारियों का सात दिनों का चार्ट तैयार किया है। अब यह अधिकारी नियमित रूप से अस्पताल का निरीक्षण कर हालात का जायजा ले रहे हैं। यह बात अलग है कि अबतक ठोस परिणाम निकल कर सामने नहीं आए हैं।
छोड़छाड़ व अपहरण के प्रयास का मामला
जिला अस्पताल में पिछले दिनों बालिका से छेड़छाड़ और अपहरण की नाकाम कोशिश के मामले सामने आए थे। इसे अस्पताल प्रबंधन ने भले गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने इसे गंभीरता से नोटिस किया। इसके चलते ही उन्होंने सातों दिन एक जिम्मेदार अधिकारी को जिला अस्पताल के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। पिछले दो दिनों से आला अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं नजर रख रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आ रही हैं उन्हें दूर कराया जा रहा है।
ओपीडी, मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान के दूसरे दिन रविवार को डिप्टी कलेक्टर मयूरी जोक ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी, मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, ट्रॉमा सेंटर, वॉशरूम सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर एवं उससे ऊपर के अधिकारियों की प्रतिदिन निरीक्षण के लिए ड्यूटी लगाई गई है। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं, इमरजेंसी सेवाएं, पानी, विद्युत व्यवस्था, दवाइयों का स्टोरेज, मेटरनिटी वार्ड, ट्रॉमा सेंटर सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को देखा जा रहा है। निरीक्षण के बाद व्यवस्थाओं से संबंधित रिपोर्ट कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी।
सुरक्षा गार्ड ड्यूटी में निर्धारित वर्दी पहने
डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित ठेकेदार को कास्टिक सोडा और ब्लीचिंग पाउडर आदि का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा गार्डों को ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी पहनने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की स्पष्ट पहचान हो सके। अस्पताल में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को लेकर भी डिप्टी कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं होता है तो इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कमियों को दूर करने दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र पाटिल और अस्पताल प्रबंधन को सामने आई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। अभियान के तहत लगातार दूसरे दिन अधिकारियों द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच की गई। पहले दिन डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे ने निरीक्षण किया था। दूसरे दिन डिप्टी कलेक्टर मयूरी जोक ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों द्वारा किए जा रहे लगातार निरीक्षण का उद्देेश्य जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार करना और मरीजों को समय पर बेहतर एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।