- पटवारियों का अपनी मांगों को लेकर २७ वें दिन भी हड़ताल, काले कपड़े पहन किया विरोध
नीमच। 2800 ग्रेड पे सहित अन्य मांगों को लेकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ पूरे प्रदेश में विगत 26 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है और हड़ताल के दौरान पटवारी संघ द्वारा विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। जिसमें पटवारी संघ द्वारा पहले तिरंगा यात्रा निकाली गई, उसके बाद नीमच से ***** माता तक चुनर यात्रा निकाली गई, फिर गेती फावडा लेकर पटवारी ने मेहनत मजदूरी भी की और फूलों से रंगोली भी बनाई गई। आंदोलन की इसी कड़ी में आज शनिवार को मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा अपनी मांगों के निराकरण को लेकर प्रदर्शन जारी रखते हुए स्थानीय अंबेडकर सर्किल पर स्थित भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर काले कपड़े पहन कर हाथों में तख्तियां लिए मोन रैली निकाली गई। यह मोन रैली अंबेडकर सर्किल से प्रारंभ होकर कंट्रोल रूम कैंट थाना एसपी कार्यालय फवारा चौक टैगोर मार्ग कमल चौक होते हुए भारत माता चौराहे पर पहुंची, जहां भारत माता की आरती के बाद रैली समाप्त की गई।
मध्य प्रदेश पटवारी संघ के सदस्य घनश्याम पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि 2800 ग्रेड पे सहित अन्य मांगों को लेकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आवाहन पर पूरे प्रदेश में पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और अब तक सरकार हमारी मांगे मानने को तैयार नहीं है और ना ही सरकार की ओर से कोई आश्वासन हमें प्राप्त हुआ है। जिससे पटवारी में भारी आक्रोश है पटवारी की हड़ताल के चलते पटवारी संबंधित सभी काम ठप पड़े हुए हैं। जिसके कारण लोग परेशान हो रहे हैं ऐसे में हम भी यह चाहते हैं कि सरकार हमारी मांगों का उचित निराकरण करें और हमें अस्वस्थ करें, जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानती तब तक हमारी हड़ताल अनवरत जारी रहेगी। आज हड़ताल का 27 वा दिन है, इस दौरान जिले के 150 से अधिक पटवारी हमारे साथ इस प्रदर्शन में शामिल है। हमारे द्वारा आज अंबेडकर सर्किल पहुंचकर डॉ भीमराव अंबेडकर को माल्यार्पण करने के बाद काले वस्त्र धारण कर शहर में मोन रैली निकाली गई है। यह रैली अंबेडकर सर्किल से प्रारंभ होकर भारत माता चौराहे पर समाप्त हुई है। जिसमें जिले भर के महिला पुरुष पटवारी हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां लिए अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं। आपको बता दें कि इससे पूर्व कृषि उपज मंडी भी सरकार की नीतियों के विरोध में व्यापारी संघ और फिर कर्मचारी संघ के द्वारा हड़ताल के चलते लगातार २० दिन तक बंद रही है। जो कि अभी भी मौखिक आश्वासन के बाद ही मंडी खुली है। सरकार इन दिनों हड़ताल और विरोध में कही से कहीं तक झुकती नजर नहीं आ रही है। जिससे कर्मचारी वर्ग में भी काफी असंतोष है।