नीमच

बजट में खास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार

-फसल के दाम लागत के आधार पर मिलेंगे डेढ़ गुणा -ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष हितकर बजट

3 min read
Feb 02, 2018
budget

नीमच. २०२२ तक हर गरीब को घर, ८ करोड़ महिलाओं को धुआं रहित ईंधन , सौभाग्य योजना के तहत ४ करोड़ लोगों को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन, पीएम बीमा योजना, शिक्षा के क्षेत्र में पीएम रिसर्च फेलो प्लान,अगले चार सालों में विद्यालयों इन्फ्रा पर एक करोड़ रुपए का खर्च, फार्म एक्सपोर्ट के लिए ४२ मेगा फूड पार्क, २ करोड़ नए शौचालयों का निर्माण, आलु-प्याज के लिए ऑपरेशन ग्रीन, विद्यालयों में ब्लैक बोर्ड की अपेक्षा डिजिटल बोर्ड, किसानों की उपज का लागत के आधार पर डेढ़ गुणा दाम आदि घोषणाएं वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा करते ही जहां ग्रामीण और किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं विद्यार्थी व गरीब वर्ग भी इससे लाभांवित नजर आ रहा है।
बजट देश को विकास की गति देने वाला है। बजट किसानों और गरीबों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। जहां इस बजट में आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को घर की सौगात मिलेगी। वहीं किसानों को फसल के दाम भी डेढ़ गुणा तक दिलाने का प्रावधान किया गया है।
-राकेश पप्पू जैन, अध्यक्ष, नगरपालिका
गरीब, किसान, मजदूर, आम आदमी सभी को ध्यान को रखकर बजट में अधिक से अधिक सुविधा प्रदान करने की योजनाएं हैं। जिससे देश की अर्थव्यवस्था सुधरने के साथ ही किसानों के लिए वरदान साबित होगा। यह बजट आमजन की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।
-महेंद्र भटनागर, पूर्व नपा उपाध्यक्ष
किसानों के लिए यह बजट काफी अच्छा है, लेकिन व्यापारी वर्ग के लिए इसमें कोई लाभ नजर नहीं आ रहा है। कुल मिलाकर बजट सर्व वर्ग के लिए हितैषी है। यह भी अच्छा है कि किसानों व ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिलेगी।
-राजेंद्र खंडेलवाल, सचिव, व्यापारी संघ
यह बजट आम आदमी की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। इस बजट में किसानों के हित की बाते तो की जा रही है। इस प्रकार की घोषणाएं तो हर बजट में होती आई है। लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आता है। कथनी और करनी में काफी अंतर होता है। पेट्रोल डीजल के दामों को लेकर भी बजट में कोई प्रवधान नहीं है। ऐेसे में आम आदमी को परेशानी झेलना ही है। बजट वहीं उत्तम होता है जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा जाए।
-आशा सांभर, जिलाध्यक्ष, महिला कांग्रेस
यह बजट पूर्ण रूप से झूठा साबित हो रहा है, क्योंकि इसमें कहा जा रहा है कि हमने किसानों की आय को डेढ़ गुणा कर दिया है। लेकिन वास्तविकता में कहीं भी फसल के दाम में कोई अंतर नहीं आया है। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य कमेटी द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य २४०८ रुपए निर्धारित किए जाने थे, लेकिन वर्तमान में घोषित किया गया गेहूं का समर्थन मूल्य बाजार दाम से भी कम है। इसी प्रकार शिक्षा का बजट पिछले साल भी कम था, इस साल भी कम ही किया है। वेतन भोगियों को भी कोई राहत प्रदान नहीं की गई।
-शैलेंद्रसिंह ठाकुर, प्रदेश सचिव सीटू
बजट काफी निराशा जनक है, इसमें मध्यम वर्ग को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। रहा सवाल किसानों के हित का, तो वह भी घोषणा झूठी नजर आ रही है। क्योंकि ऐसा कहा गया है कि किसानों को फसल के डेढ़ गुणा दाम दे रहे हैं। लेकिन वास्तविकता में किसानों को फसल के दाम बढ़कर नहीं मिल रहे हैं। इसी प्रकार शिक्षा पर भी कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया, वहीं टेक्स में कोई राहत नहीं मिलने के कारण सर्विस क्लास व्यक्ति भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। नोट बंदी के बाद बजट ऐसा होना चाहिए था, जिससे देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो, लेकिन बजट कहीं से भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है।
-मधु बंसल, प्रदेश उपाध्यक्ष, महिला कांग्रेस
सरकार ने किसानों के लिए कुछ सोचा है, यह स्वागत योग्य कदम है। बजट में सभी फसलों का लागत के आधार पर डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा। जिससे निश्चित ही किसानों को लाभ होगा, लेकिन लागत का आंकलन वास्तविक व किसानों से चर्चा कर तय किया जाए। ताकि लगात पर निर्धारित होना वाला समर्थन मूल्य लाभदायक हो। बजट में ग्रामीणों को सुविधाएं प्रदान करने पर भी फोकस किया गया है।
-निलेश पाटीदार, जिला मंत्री, भारतीय किसान संघ
बजट में भारत सरकार द्वारा जो ८ करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत घरेलु गैस सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, वह निश्चित ही स्वच्छ भारत स्वस्थ्य भारत के आयाम को पूरा करने में महत्वपूर्ण कदम है।
-श्याम नरेडी, संचालक, श्याम गैस एजेंसी
बजट में मध्यम वर्ग के लिए कोई राहत नहीं है। जहां एक और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना व स्वास्थ्य बीमा के तहत एक व्यक्ति को पांच लाख रुपए तक की सुविधा प्रदान करने की बात कहीं जा रही है। वहीं धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों में नजर डाले तो स्वास्थ्य सुविधाएं तो दूर की बात है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सक ही नहीं है। सेस भी ३ से बढ़ाकर ४ दिया है।
-डॉ प्रथ्वीसिंह वर्मा, पूर्व सभापति, जिला स्वास्थ्य समिति
आजादी के बाद पहली बार ऐसा बजट आया है जिसमें सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया गया है। बजट में आर्थिक, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सभी क्षेत्रों में विकास को ध्यान में रखते हुए पहली बार ऐसा बजट लागु हुआ है। पहली बार पचास करोड़ लोगों को बीमा योजना का लाभ देने के लिए योजना आई है जो देश और आमजन के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
-आदित्य मालु, सांसद प्रतिनिधि

Published on:
02 Feb 2018 12:45 pm
Also Read
View All