9 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो मासूम बेटियों के सिर से छिन गया पिता का साया, रोते-बिलखते परिवार ने लगाई मदद की गुहार

MP News: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जावद स्थित गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट फैक्ट्री के काम करने वाले शख्स की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

2 min read
Google source verification

नीमच

image

Himanshu Singh

Mar 09, 2026

neemuch news

फोटो सोर्स- पत्रिका

MP News: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जावद से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां पेट की आग बुझाने और परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने सैकड़ों किलोमीटर दूर नीमच आए एक मजदूर की जिंदगी का सफर बेहद दर्दनाक मोड़ पर आकर खत्म हो गया। जावद थाना क्षेत्र के सगराना स्थित गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले बिहार के 45 वर्षीय जय राम गुप्ता की सोमवार को ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पल भर में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं और उन्हें गहरे सदमे में धकेल दिया।

पिता का इंतजार कर रहे थे बच्चे…

परिवार मूल रूप से बिहार के सीवान जिले (रघुनाथपुर बड़वा) के रहने वाले जय राम (पिता सरल गुप्ता) अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। घर के आंगन में उनकी राह तक रही दो छोटी-छोटी मासूम बेटियों को शायद अभी इस बात का अहसास भी नहीं है कि जो पिता उनके लिए एक बेहतर कल बुनने परदेस गया था, अब वह कभी लौटकर नहीं आएगा। जय राम की अचानक मौत से परिवार के सामने न सिर्फ दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि उन बच्चियों के भविष्य और दो जून की रोटी का गहरा संकट भी खड़ा हो गया है।

अचानक बिगड़ी तबियत

जानकारी के अनुसार, जय राम सोमवार सुबह बिल्कुल स्वस्थ और सामान्य रूप से अपनी ड्यूटी पर गए थे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद फैक्ट्री प्रबंधन की तरफ से खबर आई कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई है। जब तक प्रबंधन उन्हें नीमच के ज्ञानोदय मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फैक्ट्री के अधिकारी राजेंद्र कुमार का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मजदूर ने दम तोड़ दिया था।

भतीजे का छलका दर्द

इस असहनीय दुख की घड़ी में परिजनों का दर्द तब और बढ़ गया जब फैक्ट्री प्रबंधन का रवैया सवालों के घेरे में आ गया। नीमच में ही मोबाइल की दुकान चलाने वाले मृतक के भतीजे सुमित ने रुंधे गले से बताया कि उनके चाचा को कोई बीमारी नहीं थी और वे सुबह पूरी तरह फिट होकर ड्यूटी पर गए थे। सुमित ने भारी मन से आरोप लगाया है कि फैक्ट्री प्रबंधन मौत के असली कारणों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। इतना ही नहीं, शोक में डूबे परिवार पर इस बात का दबाव बनाया जा रहा है कि वे जल्दी से पोस्टमार्टम करवाएं और शव को लेकर बिहार चले जाएं। यह जल्दबाजी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

परिवार ने लगाई मुआवजे की गुहार

अब इस बेसहारा परिवार की निगाहें प्रशासन की चौखट पर न्याय की आस में टिकी हैं। परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि मौत का असली सच सामने आ सके। इसके साथ ही, उन दो मासूम बच्चियों के सिर से उठे पिता के साये और परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए नियमानुसार उचित मुआवजे की मांग की गई है।
फिलहाल पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही इस दुखद घटना की असली वजह साफ हो सकेगी।