
Iran-Israel War: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और विशेषकर दुबई में संभावित सुरक्षा खतरों के मद्देनजर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। वहां के मौजूदा और तनावपूर्ण हालातों की यह एक्सक्लूसिव जानकारी दुबई में कार्यरत मध्यप्रदेश के नीमच जिले के ही एक निवासी ने उपलब्ध करवाई है। अपनी कंपनी और कार्यस्थल पर किसी संभावित परेशानी से बचने के लिए उन्होंने अपनी पहचान और पता पूरी तरह गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी साझा की है।
उन्होंने बताया कि यूएई के आंतरिक मंत्रालय द्वारा वहां रह रहे नागरिकों और प्रवासियों के लिए एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें संभावित मिसाइल हमले की आशंका जताते हुए लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।
नीमच के इस निवासी द्वारा भेजे गए इमरजेंसी अलर्ट के स्क्रीनशॉट में स्पष्ट रूप से 'संभावित मिसाइल खतरे' का जिक्र है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि लोग तुरंत किसी नजदीकी सुरक्षित इमारत में चले जाएं। सुरक्षा की दृष्टि से नागरिकों को खिड़कियों, कांच के दरवाजों और खुले स्थानों से पूरी तरह दूर रहने को कहा गया है। जब तक आधिकारिक तौर पर अगले निर्देश नहीं आ जाते, तब तक लोगों से सुरक्षित स्थानों पर ही बने रहने की अपील की गई है।
दुबई से मिली जानकारी के अनुसार, ऐसे संवेदनशील हालातों में भ्रामक खबरों और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अरबी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा में जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की वीडियोग्राफी या तस्वीर खींचने (फोटोग्राफी) पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। प्रशासन ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाने का हिस्सा न बनें और केवल सक्षम सरकारी एजेंसियों के निर्देशों का ही पालन करें।
एक तरफ जहां प्रवासी भारतीय और स्थानीय लोग सुरक्षा अलर्ट को लेकर दहशत में हैं, वहीं जालसाजों ने इस स्थिति का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। दुबई पुलिस ने अपनी आधिकारिक एडवाइजरी में बताया है कि कुछ ठग खुद को "दुबई क्राइसिस मैनेजमेंट" का कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल कर रहे हैं। ये जालसाज आपातकालीन स्थिति का हवाला देकर लोगों से उनके 'UAE Pass' क्रेडेंशियल्स और 'Emirates ID' (अमीरात आईडी) जैसी बेहद संवेदनशील जानकारियां मांग रहे हैं।
दुबई पुलिस ने आगाह किया है कि यह जानकारी साझा करने से अपराधी 'सिम स्वैप' (SIM swap) के जरिए लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी विभाग फोन कॉल या मैसेज के जरिए गोपनीय जानकारी या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता है।
Updated on:
02 Mar 2026 04:33 pm
Published on:
02 Mar 2026 04:24 pm
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