
Neemach news: ससुसराल वालों से पूजा इतनी परेशान हो चुकी थी कि उसने अपनी चार महीने की दूधमुंही बच्ची के बारे में भी नहीं सोचा। परिवारों वालों का कहना का कि उन्होंने बेटी को मार डाला। घर में बेटी की मौत के बाद से कोहराम मच गया है। एमपी की नीमच जिले में मनासा तहसील के ग्राम बालागंज की 26 वर्षीय विवाहिता पूजा पति बलराम ओड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत हो गई। गुरुवार तड़के करीब 4 बजे फंदे पर लटका मिला था। जिसके बाद जिला चिकित्सालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया।
मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अस्पताल के बाहर शव सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। साथ ही साथ आरोपी पति की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। साथ ही पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग भी की गई।
परिजनों का आरोप है कि मृतका का पति शराब के नशे में आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और उसे मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। उनका कहना है कि घटना के समय पति भी उसी कमरे में मौजूद था, जिससे उसकी भूमिका संदेह के घेरे में है। परिजनों का आरोप है कि लगातार हो रही प्रताड़ना के कारण पूजा लंबे समय से परेशान थी और उसकी मौत के पीछे भी यही वजह हो सकती है। पूजा अपने पीछे चार महीने की दूधमुंही बच्ची छोड़ गई है। पूजा के ससुराल वालों का कहना है कि पूजा की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले मनासा शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला चिकित्सालय नीमच रेफर किया गया। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और देखते ही देखते माहौल गर्मा गया। आक्रोशित लोगों ने जिला चिकित्सालय के कंट्रोल रूम के सामने शव रखकर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपी पति के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। चक्का जाम के कारण कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही नीमच कैंट थाना पुलिस, तहसीलदार एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जिसके बाद चिकित्सकों के पैनल ने मृतिका का शव परीक्षण कर मायके पक्ष को सौंपा। मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्यवही प्रारम्भ की।