नीमच

MP में बड़ा उलटफेर! कद्दावर भाजपा नेता को मिली करारी हार, निर्दलीय जीता

Gram Panchayat by-election: मध्य प्रदेश में जिला और ग्राम पंचायत उपचुनाव के नतीजे आज घोषित हो रहे हैं। ​कई जगहों पर वोटों की गिनती के बाद नतीजे घोषित कर दिए गए हैं।

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Jan 02, 2026
BJP lose Tarapur Gram Panchayat by-election (फोटो- Patrika.com)

Tarapur Gram Panchayat by-election results: नीमच जिले के जावद विधानसभा की तारापुर ग्राम पंचायत में पिछले कई महीनों से चल रही राजनीतिक उथल-पुथल पर आज विराम लग गया है। 'खाली कुर्सी-भरी कुर्सी' के हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम और अंतरिम कार्यकाल के बाद हुए उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नेमीचंद धाकड़ ने बाजी मार ली है। धाकड़ ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार और पूर्व जिला महामंत्री सुखलाल सेन के पुत्र कद्दावर नेता पवन सेन को 91 मतों से हराकर सरपंच पद पर कब्जा किया। (mp news)

निर्दलीय उम्मीदवार नेमीचंद धाकड़

क्यों खास है यह चुनाव?

यह उपचुनाव सामान्य नहीं था। इसकी पटकथा कुछ महीने पहले ही लिखी गई थी जब पंचायत के 15 पंचों ने तत्कालीन सरपंच के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। 'खाली कुर्सी-भरी कुर्सी' प्रक्रिया के तहत हुए मतदान में 15 में से 12 पंचों (दो-तिहाई बहुमत) ने तत्कालीन सरपंच के खिलाफ वोट डाला था, जिसके चलते उन्हें पद से हटना पड़ा था।

मुजफ्फर भाई ने संभाली थी 4 माह कमान

सरपंच पद रिक्त होने के बाद शासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंचों में से ही मुजफ्फर भाई को अंतरिम सरपंच नियुक्त किया था। मुजफ्फर भाई ने करीब 4 माह तक पंचायत का कामकाज संभाला। इसके बाद 28 दिसंबर को विधिवत उपचुनाव के लिए मतदान हुआ, जिसके परिणाम आज घोषित किए गए।

दिग्गज की हार, जनता की जीत

उपचुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार पवन सेन की हार को सियासी गलियारों में बड़ा झटका माना जा रहा है। पवन सेन का परिवार (पिता सुखलाल सेन) जिले की राजनीति में रसूख रखता है। इसके बावजूद, नेमीचंद धाकड़ ने 91 वोटों की लीड लेकर यह साबित कर दिया कि पंचों के बाद अब जनता ने भी बदलाव पर अपनी मुहर लगा दी है।

कद्दावर भाजपा नेता पवन सेन

'मैं भाजपा का ही कार्यकर्ता हूं

जीत के बाद नेमीचंद धाकड़ ने अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं खुद भाजपा का ही कार्यकर्ता हूं। यह मेरा पहला चुनाव था, लेकिन मैं भाजपा की रीति-नीति और विकास की सोच के साथ ही काम करूंगा।" उनकी इस बात ने विपक्ष की उस चर्चा पर विराम लगा दिया है जिसमें इसे भाजपा की हार बताया जा रहा था।

प्राथमिकता: भाईचारा और शांति

नवनिर्वाचित सरपंच ने तारापुर की सबसे संवेदनशील नब्ज पर हाथ रखते हुए कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता गांव में शांति बहाली है। उन्होंने कहा- तारापुर में दोनों धर्मों के लोग रहते हैं। आए दिन छोटी-छोटी बातों पर विवाद होते रहते हैं। मेरा पहला प्रयास यही रहेगा कि आपसी सामंजस्य बनाकर इन विवादों को खत्म किया जाए और गांव में भाईचारा कायम हो। विकास कार्यों को लेकर धाकड़ ने स्पष्ट किया कि उनके पास कार्यकाल का समय कम बचा है, लेकिन चुनौतियां और काम अधिक हैं। उन्होंने कहा कि गांव में पेयजल संकट और साफ-सफाई बड़ी समस्याएं हैं, जिन पर वे तत्काल काम शुरू करेंगे।

उत्साह का माहौल

आज परिणाम आते ही तारापुर में समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में चल रही अस्थिरता अब खत्म होगी और नेमीचंद धाकड़ (Nemichand Dhakad) के नेतृत्व में विकास कार्य गति पकड़ेंगे।

चुने जाने के बाद जीत का जश्न

तारापुर का सियासी घटनाक्रम

  • बगावत: तत्कालीन सरपंच के खिलाफ 15 पंचों ने अविश्वास जताया।
  • फैसला: 'खाली कुर्सी-भरी कुर्सी' में 12 पंचों ने विरुद्ध मतदान कर सरपंच को हटाया।
  • अंतरिम दौर: शासन ने पंच मुजफ्फर भाई को 4 माह के लिए अंतरिम सरपंच बनाया।
  • मतदान: 28 दिसंबर को रिक्त पद के लिए वोटिंग हुई।
  • परिणाम: नेमीचंद धाकड़ 91 मतों से जीते, पवन सेन को हराया। (mp news)

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Updated on:
02 Jan 2026 12:34 pm
Published on:
02 Jan 2026 11:55 am
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