
Sanjay Singh on BJP: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह अपने तीखे और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई बड़ी राजनीतिक टूट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। संजय सिंह ने विपक्षी पार्टियों में तोड़फोड़ पर तंज कसते हुए कहा, 'अब सिर्फ दाऊद इब्राहिम का ही बीजेपी में शामिल होना बाकी रह गया है।' यह पहली बार नहीं है जब संजय सिंह ने इस कड़े जुमले का इस्तेमाल किया है, लेकिन हाल ही में टीएमसी और उद्धव गुट के सांसदों द्वारा पाला बदलने के बाद उनका यह बयान देश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।
'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत करते हुए संजय सिंह ने सांसदों के इस तरह पाला बदलने को लोकतंत्र और मतदाताओं के साथ सरेआम धोखा करार दिया। उन्होंने दल-बदल कानून (दसवीं अनुसूची) का हवाला देते हुए कहा कि 'पार्टी बदलने वाले सांसदों की सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए। कानून के मुताबिक किसी भी गुट को अयोग्यता से बचने के लिए दोनों शर्तें पूरी करनी होती हैं-केवल दो-तिहाई सांसद होना काफी नहीं है, बल्कि उन दो-तिहाई सांसदों की पार्टी का दूसरी पार्टी में आधिकारिक विलय (Merge) भी होना चाहिए। सिर्फ एक शर्त पूरी करने से काम नहीं चलेगा।'
आप सांसद ने देश में एक ऐसे सख्त कानून की मांग की, जिसके तहत कोई भी जनप्रतिनिधि अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान किसी भी सूरत में दूसरी पार्टी में न जा सके। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसकी संसद या विधानसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से खत्म हो जानी चाहिए।
संजय सिंह ने हाल ही में टीएमसी छोड़कर एनडीए (NDA) का रुख करने वालीं सांसद सायोनी घोष पर निशाना साधते हुए कहा, 'सायोनी घोष ने पहले बीजेपी के खिलाफ क्या कुछ नहीं कहा था? लेकिन आज वे उनके लिए अच्छी हो गईं। यहां तक कि अब उन्हें टीएमसी के मुस्लिम सांसद यूसुफ पठान से भी परेशानी होने लगी है। बस इसीलिए मैं कह रहा हूं कि अब केवल दाऊद इब्राहिम का बीजेपी ज्वाइन करना बाकी रह गया है।'
गौरतलब है कि टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों (दो-तिहाई से अधिक) ने पाला बदलकर नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय करने का फैसला किया है। संजय सिंह ने चेतावनी दी कि आगामी संसद सत्र में यह जोड़-तोड़ की राजनीति एक बड़ा मुद्दा बनेगी। उन्होंने कहा कि 'हम इस मुद्दे पर संसद के अंदर और बाहर, दोनों जगह पुरजोर आवाज उठाएंगे। आप उन मतदाताओं को क्या मुंह दिखाएंगे जिन्होंने पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह पर भरोसा करके आपको वोट दिया था?'
शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों द्वारा उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने पर भी संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बागी सांसदों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग केंद्रीय एजेंसियों के डर से 'ईडी (ED) पार्टी' ज्वाइन कर रहे हैं। उन्होंने बागियों को ललकारते हुए कहा कि शिवसैनिक तो बड़े बहादुर माने जाते हैं और बाला साहेब का नाम लेते हैं। बाला साहेब ने कभी यह कायरता नहीं सिखाई कि आप अपनी ही पार्टी और जनता की पीठ में छुरा मार कर दूसरी पार्टी में शामिल हो जाओ।'