Delhi: परिसीमन के बाद दिल्ली में लोकसभा सीटें 7 से बढ़कर 10 से अधिक और विधानसभा सीटें 100 के पार जा सकती हैं। महिला आरक्षण लागू होने पर करीब 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे संसद और विधानसभा में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
Delhi: देश में प्रस्तावित परिसीमन के बाद लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 816 तक किया जा सकता है, जिसमें महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित होंगी। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे राजनीतिक प्रतिनिधित्व का दायरा और व्यापक होगा।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां फिलहाल 7 लोकसभा सीटें और 70 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन परिसीमन के बाद इन आंकड़ों में बड़ा इजाफा होने वाला है। अभी केवल कयास लगाए जा रहे हैं कि जब परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होगी तो दिल्ली में लोकसभा की सीटें 7 से बढ़कर 10 से अधिक होंगी। वहीं, देश की राजधानी में 100 से ज्यादा विधायकों का चुनाव किया जाएगा। इसके अलावा महिला आरक्षण लागू होने के बाद करीब 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी, जिससे लोकसभा में कम से कम 4 महिला सांसद और विधानसभा में करीब 35 महिला विधायक चुने जा सकते हैं।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार इस बदलाव को लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा बजट सत्र में सरकार दो अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिनके जरिए महिला आरक्षण कानून को परिसीमन से पहले लागू करने का रास्ता साफ किया जा सके। गौरतलब है कि महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही संविधान संशोधन के जरिए किया जा चुका है, लेकिन इसे परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाना है।
दरअसल, सितंबर 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को मंजूरी दी थी, जिसे संविधान का 106वां संशोधन भी कहा जाता है। अब सरकार इस कानून को प्रभावी बनाने और परिसीमन अधिनियम में जरूरी संशोधन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इन बदलावों से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व दोनों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।
केंद्र सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में बढ़ोतरी के लिए परिसीमन प्रक्रिया को तेज कर दिया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि सरकार इस हफ्ते के अंत तक परिसीमन आयोग से जुड़ा विधेयक और संविधान संशोधन प्रस्ताव संसद में पेश कर सकती है। इस कदम से देश के राजनीतिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।