
हरीश राणा का अंतिम संस्कार (फोटो- पीटीआई एक्स पोस्ट)
13 सालों के संघर्ष के बाद आखिरकार आज हरीश राणा (Harish Rana) को एक सम्मानपूर्वक विदाई मिलने जा रही है। राणा के अंतिम संस्कार की सारी तैयारियां हो चुकी हैं और उनकी पार्थिव देह दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट पहुंच गई है। कुछ ही देर में राणा का अंतिम संस्कार होगा और वह पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे। श्मशान घाट पर राणा के परिवार और करीबियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। राणा के पिता ने लोगों से अपील की है कि कोई भी रोए नहीं और उनके बेटे को शांति से दुनिया से विदाई लेने दी जाए।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले 31 साल के राणा ने 24 मार्च को दिल्ली के एम्स में आखिरी सांस ली थी। राणा पिछले 13 सालों से कोमा में थे जिसके बाद उनके माता-पिता ने कानूनी लड़ाई लड़कर कोर्ट से उनके लिए इच्छामृत्यु का ऑर्डर मांगा। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आखिरकार यह तय किया की राणा को एक सम्मानपूर्वक मृत्यु पाने का पूरा अधिकार है और इसी के तहत 11 मार्च को राणा को इच्छामृत्यु मिली। इसी के साथ राणा देश के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए जिन्हें पैसिव यूथेनेशिया का अधिकार मिला। इसका मतलब किसी गंभीर रूप से बिमार व्यक्ति को दिया जा रहा बाहरी लाइफ सपोर्ट हटाना होता है, ताकि उसकी प्राकृतिक रूप से मृत्यु हो सके।
दिल्ली एम्स में मंगलवार को राणा को पैसिव यूथेनेशिया दिया गया और शाम 4:10 पर उन्होंने आखिरी सांसे ली। इस दौरान डॉक्टर्स और अन्य एक्सपर्टस लगातार राणा की निगरानी कर रहे थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद 14 मार्च को राणा को एम्स में भर्ती किया गया था और लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके बाद 16 से 23 मार्च के बीच राणा की फीडिंग ट्यूब (खाना और पोषण) बंद की गई और उन्हें सामान्य बेड पर शिफ्ट कर दिया गया। इसी प्रक्रिय के दौरान 24 मार्च को राणा की मौत हो गई। बुधवार को सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राणा के पिता ने लोगों ने नहीं रोने की प्रार्थना करते हुए कहा कि वह चाहते है उनका बेटा शांति से दुनिया से विदा हो।
Updated on:
25 Mar 2026 10:40 am
Published on:
25 Mar 2026 09:41 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
