
जदयू सांसद गिरधारी यादव और नीतीश कुमार
Bihar Politics: नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद गिरधारी यादव की लोकसभा सदस्यता जा सकती है। इसको लेकर लोकसभा में जेडीयू के ही नेता दिलेश्वर कामैत ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है। नोटिस में JDU नेता ने गिरधारी यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है साथ ही अयोग्य ठहराए जाने की भी मांग की है। विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर को लेकर प्रदेश में काफी राजनीति हुई थी।
बता दें कि जेडीयू सांसद गिरधारी यादव ने एसआईआर को लेकर बयान दिए थे। बयान में गिरधारी यादव ने कहा था कि लोकसभा चुनाव के समय वोटर लिस्ट सही थी तो कुछ महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए यह गलत कैसे हो सकती है?
सांसद गिरधारी यादव ने अपने बयान में चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा था। JDU सांसद ने कहा था कि क्या मैं गलत वोटर लिस्ट के आधार पर जीता हूं? उन्होंने SIR को लेकर कहा कि निर्वाचन आयोग ऐसे समय में इस प्रक्रिया को करा रहा है, जिस समय पूरा प्रदेश बाढ़ जैसी स्थिति से परेशान है।
चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा सांसद यादव ने कहा कि आयोग को यह प्रक्रिया छह महीने पहले ही करा लेनी चाहिए थी।
सांसद गिरधारी यादव के बयान को लेकर पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। साथ ही पार्टी ने इस बयान को अनुशासन का भी उल्लंघन माना। JDU ने सांसद से जवाब मांगा और जवाब नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करने की बात कही।
प्रदेश में एसआईआर का नीतीश कुमार की पार्टी ने समर्थन किया था। यहीं वजह है कि एसआईआर को लेकर बयान देने पर JDU ने अपने सांसद को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पार्टी ने नोटिस में कहा कि जदयू ने हमेशा चुनाव आयोग का समर्थन किया है।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश ने बेलहर विधानसभा सीट से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा। जदयू ने यहां से मनोज यादव को टिकट दिया था।
Updated on:
25 Mar 2026 10:12 am
Published on:
25 Mar 2026 10:09 am
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