
NEET protest Akhilesh Yadav police detention: देश की राजनीति का पारा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर नीट (NEET) और परीक्षा धांधली को लेकर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं पर पुलिस का चाबुक चला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को मौके से जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया। पुलिस के इस एक्शन के बाद दिल्ली की सड़कों पर हड़कंप मच गया है और विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन को और तेज़ करने का ऐलान कर दिया है।
धरना स्थल से सामने आए वीडियो में पुलिस राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं को बस में बैठाकर ले जाती हुई दिखाई दे रही है। फुटेज में यह भी देखा गया कि राहुल गांधी के विरोध जताने के बावजूद पुलिसकर्मी उन्हें उठाकर जबरन बस में ले गए। प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए इस प्रदर्शन में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी धरने में शामिल रहे।
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के बयान के बाद राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि CJP के आंदोलन का असर कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास के बाहर धरने पर बैठने का मौका दिया। संजय सिंह ने दावा किया कि यह सब आंदोलन का ध्यान भटकाने की कोशिश है।
इधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP समर्थकों से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'मोदी जी के अपने बच्चे नहीं हैं, इसलिए शायद उन्हें यह एहसास नहीं है कि बच्चों की परेशानियां और उनके भविष्य की चिंता क्या होती है।' केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।