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AK-47 से घायल छात्रों की पप्पू यादव ने की मदद, बोले- सेना में जाने वाले बच्चों पर गोलियां चलाईं, सरकार दे नौकरी या मुआवजा

Pappu Yadav News: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए तीन छात्रों से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक मदद दी। उन्होंने कहा कि छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा और मांग की कि सरकार इन तीनों में से हर एक को या तो नौकरी दे या फिर 1 करोड़ की आर्थिक सहायता दे।
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नई दिल्ली

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Anand Shekhar

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Updated: 4 Sep 2026, 9:40 PM IST

pappu yadav

पप्पू यादव ने छात्रों से की मुलाकात (फोटो- वीडियो ग्रैब)

Pappu Yadav: पेपर लीक के विरोध में 25 जुलाई 2026 को छात्रों के बिहार बंद के दौरान सिवान में एक पुलिसकर्मी ने AK-47 राइफल से अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें तीन छात्र घायल हो गए थे। शुक्रवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दिल्ली में इन घायल छात्रों से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक मदद दी। इस दौरान पप्पू यादव ने कहा कि उन युवाओं पर बर्बरतापूर्ण फायरिंग की गई, जिन्होंने देश की सेवा के लिए सेना में शामिल होने का सपना देखा था। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इन युवाओं को सरकारी नौकरी दे या प्रति छात्र 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे, साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

घायल छात्रों को आर्थिक मदद दी गई

सांसद पप्पू यादव ने सिवान के शेख मोहल्ला के रहने वाले मोहम्मद आरिफ, दरौली के डुमरहर निवासी बुलेट कुमार गौड़ और रायबरेली निवासी आकाश कुमार से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक मदद दी। उन्होंने बताया कि ये छात्र भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन पर बर्बरता की और गोलीबारी में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

पप्पू यादव ने बताया कि घायल छात्र पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिल चुके थे। राहुल गांधी ने भी उन्हें आर्थिक मदद दी थी और उनके संघर्ष में हर तरह से समर्थन का भरोसा दिलाया था।

जिस उम्र में सैनिक बनना था, उस उम्र में गोलियां खाईं : पप्पू यादव

पप्पू यादव ने कहा कि 15-16 साल की उम्र के ये युवा सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन गोली लगने के कारण अब उनके लिए सेना में भर्ती होना शारीरिक रूप से असंभव हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए उन्हें सरकारी नौकरी देनी ही चाहिए, चाहे कुछ भी हो जाए। अगर सरकार नौकरी नहीं दे सकती, तो उसे हर परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना चाहिए ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

पप्पू यादव ने चेतावनी दी कि अगर सरकारी नौकरी या मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि पैसों की कमी कभी भी उनके रोजगार में बाधा न बने।

बिहार के बाढ़ पीड़ितों से भी मिलेंगे पप्पू यादव

पप्पू यादव ने छात्रों को सच्चा कर्मवीर और क्रांतिकारी योद्धा बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था और पूरा विपक्ष इन पीड़ित छात्रों के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। दिल्ली में छात्रों की मदद करने के बाद सांसद ने बताया कि अब वे बिहार जाएंगे, जहां नदियां उफान पर हैं और लोग बाढ़ का सामना कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने औरंगाबाद में बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हाजीपुर व वैशाली में हुई हत्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार पहुंचने पर वे इन सभी पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे।