
Delhi Waqf Board Case: आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान से जुड़े दिल्ली वक्फ बोर्ड मामले में फैसले का इंतजार और बढ़ गया है। मंगलवार, 3 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले पर आदेश सुनाया जाना था, लेकिन अदालत ने इसे टाल दिया। कोर्ट ने कहा कि आदेश अभी तैयार नहीं है। इसके बाद मामले को 28 नवंबर को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।
इस मामले में अमानतुल्लाह खान के साथ 10 अन्य लोग भी आरोपी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती और दूसरे कामकाज में कथित गड़बड़ियों को लेकर यह मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, बोर्ड में नियुक्तियों के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया और कुछ लोगों को गलत तरीके से नौकरी दी गई।
यह मामला उस समय का है, जब अमानतुल्लाह खान वर्ष 2016 से 2021 के बीच दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष थे। CBI ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर नियमों की अनदेखी की गई। जांच के दायरे में तत्कालीन CEO महबूब आलम की नियुक्ति और बोर्ड में हुई दूसरी भर्तियां भी आईं।
महबूब आलम भी इस मामले में आरोपी हैं। जांच एजेंसी ने अमानतुल्लाह खान और उनके साथ नामजद अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
इस मामले में जुलाई 2025 में भी अहम घटनाक्रम हुआ था। राउज एवेन्यू कोर्ट ने अमानतुल्लाह खान और 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही मामले में आगे मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हुआ। आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं किया था।
मंगलवार को अदालत से आदेश आने की उम्मीद थी, लेकिन फैसला तैयार नहीं होने के कारण सुनवाई आगे बढ़ानी पड़ी। अब 28 नवंबर को अदालत में इस मामले पर अगली कार्यवाही होगी।
अमानतुल्लाह खान के लिए यह मामला राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से अहम है। हालांकि, आरोप तय होना दोष साबित होना नहीं है। मामले में अंतिम फैसला अदालत को सुनाना है। फिलहाल आदेश टलने के बाद सभी 11 आरोपियों को अगली सुनवाई का इंतजार करना होगा।