
Bhati Miyawaki Forest: दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के बीच भाटी इलाके के लिए एक नई पर्यावरण परियोजना शुरू की गई है। दक्षिणी दिल्ली का यह इलाका लंबे समय से धूल, गर्मी और खराब हवा की समस्या से जूझ रहा है। । अब दिल्ली सरकार का वन एवं वन्यजीव विभाग यहां मियावाकी तकनीक से 60 हजार पौधे लगाकर एक घना मिनी जंगल तैयार करने जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे इलाके की हवा साफ करने और माहौल बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह परियोजना साल 2025-26 के लिए बनाई गई है और तुगलकाबाद में स्थित वन विभाग कार्यालय इसकी निगरानी रखेगा।
भाटी इलाके में 40 हजार छोटे पेड़ और 20 हजार झाड़ियां लगाई जाएंगी। इसके लिए मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल होगा, जो जापान का खास तरीका है। इस तकनीक में पौधों को बहुत पास-पास लगाया जाता है, जिससे वे जल्दी बढ़ते हैं और कम समय में घना जंगल बन जाता है। ऐसे पेड़ सामान्य पेड़ों से कई गुना तेजी से बढ़ते हैं। यह हरियाली धूल और प्रदूषण कम करने के साथ हवा में ऑक्सीजन बढ़ाने में भी मदद करेगी।
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि पौधे लगाने के बाद उनकी सही देखभाल नहीं हो पाती, जिस वजह से कई हरियाली योजनाएं सफल नहीं हो पातीं। लेकिन इस बार वन विभाग ने पहले से ही रखरखाव पर खास ध्यान दिया है। विभाग का कहना है कि जिस संस्था को यह काम मिलेगा, उसे पूरे एक साल तक पौधों की देखभाल करनी होगी। इसके लिए 20 मई को एक बैठक भी रखी गई है, जिसमें इससे जुड़े अधिकारी और विशेषज्ञ मिलकर काम की पूरी योजना और जरूरी बातों पर चर्चा करेंगे।\
विशेषज्ञों का कहना है कि इस परियोजना से पूरे इलाके की परिस्थिति को मजबूती मिलेगी। हरियाली बढ़ने से तापमान में कमी आएगी और भूजल स्तर को सुधारने में भी मदद मिलेगी। साथ ही पक्षियों और छोटे जीवों को नया प्राकृतिक आवास मिलेगा। प्रदूषण से परेशान दिल्ली के लिए यह योजना काफी फायदेमंद मानी जा रही है। आने वाले समय में यह मिनी जंगल लोगों को साफ हवा और ठंडा माहौल देने में मदद कर सकता है। साथ ही इससे आसपास का वातावरण भी बेहतर होगा। इलाके के लोगों को उम्मीद है कि यह हरियाली बच्चों और परिवारों के लिए एक साफ, सुरक्षित और अच्छा माहौल तैयार करेगी।