
Assembly Elections 2027: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। इसमें 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में BJP के मीडिया और IT विंग के प्रतिनिधियों के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर समेत पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव रहे। BJP उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में सत्ता बरकरार रखने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। पंजाब में फिलहाल आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद पर भी चर्चा होने की संभावना है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली भी राजनीतिक चर्चा का अहम मुद्दा है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य दलों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इसी मांग को लेकर गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली में रैली आयोजित करने का आह्वान किया है।
इससे पहले शनिवार को अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा किया था। वहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित रैली से पहले राजधानी की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।
विपक्ष के विरोध के बीच BJP ने देशव्यापी अभियान 'सेव डेमोक्रेसी, रिमूव एनार्की' (लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ) शुरू किया है। पार्टी के मुताबिक, अभियान का पहला चरण 5 नवंबर तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। BJP अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची की सटीकता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के बारे में लोगों को जागरूक करना है।
इस अभियान के तहत BJP जिला मुख्यालयों पर पदयात्राएं आयोजित करने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने प्रत्येक स्थान पर करीब 10,000 लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें करीब 200 प्रमुख और आमंत्रित नागरिकों को शामिल कर मतदाता सूची के पुनरीक्षण और इससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।