नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव के लिए बन रही है भाजपा की नई टीम

नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय में काम संभालेगी। सामान्यतौर पर तीन साल के कार्यकाल वाली यह नई कार्यकारिणी 2029 लोकसभा चुनाव के बाद तक प्रभावी रहेगी
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BJP

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की नई टीम 2029 में लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। बुधवार देर रात को प्रधानमंत्री आवास पर पार्टी की शीर्ष टीम के बीच सवा दो घंटे चली मैराथन बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस चर्चा में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम, आगामी संसद सत्र की रणनीति, महिला आरक्षण विधेयक के लिए आवश्यक संख्याबल, पांच राज्यों के चुनाव के साथ ही पार्टी की भविष्य के रोडमैप को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महामंत्री बीएल संतोष शामिल हुए। पार्टी नेतृत्व के अनुसार नितिन नवीन की राष्ट्रीय टीम पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय में काम संभालेगी। सामान्यतौर पर तीन साल के कार्यकाल वाली यह नई कार्यकारिणी 2029 लोकसभा चुनाव के बाद तक प्रभावी रहेगी। अगले साल जहां सात राज्यों में चुनाव होने हैं वहीं 2028 में 9 राज्यों में चुनाव होंगे। 2029 में लोकसभा चुनाव से पहले या साथ ही चार राज्यों में चुनाव होंगे। वहीं यही टीम लोकसभा चुनाव का भी संचालन करेगी। ऐसे में पार्टी इस टीम को न केवल नए चेहरों और नई पीढ़ी के रूप में पेश करना चाहती है बल्कि इसमें ऐसे लोग भी रखना चाहती है जो पार्टी के हर स्तर पर विस्तार की लहर को आगे ले जा सकें। सूत्रों के अनुसार बैठक में इसी अनुरूप बड़े बदलावों पर चर्चा हुई। पार्टी पारंपरिक पदों के अलावा कुछ नए पदों का भी सृजन कर सकती है।

संसद सत्र की रणनीति पर भी हुई चर्चा

बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी कोर विचारधारा के छूटे हुए मुद्दों को लेकर तेजी से तैयारी कर रही है। इस मानसून सत्र में इसके लिए काम किया जा रहा है। जहां एक ओर महिला आरक्षण विधेयक, परिसीमन बिल को फिर से लाने की तैयारी में है वहीं जनगणना को समय पर पूरा करने और डेमोग्राफिक चेंज के परिवर्तनों के असंतुलन को साधने के संभावित के साथ ही धर्मस्थलों के चढ़ावे को लेकर उठ रहे सवालों के भी जवाब तलाशने की कोशिश की जाएगी।

वहीं यूसीसी और एनआरसी के साथ ही सिटीजनशिप को लेकर उठ रहे सवालों के लिए भी विधायी प्रस्ताव पर तैयारी की जा रही है। एनडीए के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा बजट सत्र में एनडीए के दो तिहाई बहुमत का संख्याबल हासिल नहीं कर पाने के बाद और पश्चिम बंगाल, तमिनलाडु के चुनाव परिणामों के बाद केन्द्र की राजनीति में बड़ा बदलाव होने के संकेत सामने आ रहे हैं। आप के राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने, एनसीपीआई के एनडीए को समर्थन देने व शिवसेना में सांसदों की संख्या बढ़ने के बाद दोनों सदनों के संख्या बल में परिवर्तन आया है। बताया जा रहा है कि ऐसे में एनडीए के विस्तार को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

Updated on:
17 Jul 2026 01:44 pm
Published on:
17 Jul 2026 01:44 pm