मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली में छठ पूजा के लिए 800 घाटों को तैयार किया गया है। वहीं छठ पूजा के दौरान कोरोना नियमों का भी सख्ती से पालन किया जाएगा।
नई दिल्ली। देशभर में छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और दिल्ली जैसे राज्यों में छठ पूजा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राज्य में छठ पूजा की तैयारियों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के लिए 800 घाटों को चिन्हित किया है, वहीं इन घाटों को पूजा के लिए पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है।
भाजपा और कांग्रेस पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम ने बताया कि 2015 तक छठ पूजा के लिए केवल 80 घाट हुआ करते थे, वे भी आम लोगों के इस्तेमाल के लिए नहीं थे। ये घाट भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की समितियों द्वारा चलाए जाते थे। वहीं आप की सरकार में दिल्ली में मोहल्ला स्तर पर समितियां और घाट तैयार करने का निर्णय लिया। अब इस बार सभी 800 घाटों पर छठ पूजा की जाएगी।
कोरोना नियमों का होगा पालन
इस दौरान कोरोना नियमों का भी सख्ती से पालन किया जाएगा। पूजा के लिए अधिक घाट होने से यहां पर भीड़ भी कम होगी, जिससे कोरोना फैलने का खतरा भी कम होगा। वहीं डिप्टी सीएम ने लोगों को भी लोगों से कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि त्योहार मनाते वक्त हमें यह भी ध्यान रखना है कि हमारी जरा सी लापरवाही पूरे शहर, पूरे देश पर भारी पड़ सकती है।
गौरतलब है कि दिवाली के बाद देशभर में छठ का पर्व मनाया जाता है, यह पर्व 4 दिनों का होता है। इन चार दिनों में व्रती को कठिन पड़ावों से गुजरना होता है। इस व्रत को रखने वाले व्रती को घंटों ठंडे जल में खड़े होकर साधना करनी होती है। इसके बाद व्रती महिलाएं जल में प्रवेश करके सूर्य देव के उदित होकर दर्शन देने की प्रार्थना करती हैं। वहीं उगते हुए सूर्य को व्रती अर्घ्य देते हैं और छठ मैय्या की कथा सुनकर अपना व्रत खत्म करती हैं। व्रती लोग गुनगुना दूध पीकर व्रत समाप्त करती हैं क्योंकि लंबे समय बाद कुछ खाने से गला छिल जाने का भय रहता है।