इस बार दिल्ली में यमुना किनारे छठ पूजा करने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही यमुना में कोई भी सामान प्रवाहित न करने का आदेश दिया गया है।
नई दिल्ली। भारत में इन दिनों त्योहारों का सीजन चल रहा है। वहीं 6 राज्यों में मिल कोरोना के नए स्ट्रेन के बाद सरकार और विशेषज्ञ चिंतित नजर आ रहे हैं। एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्र का कहना है कि भारत में त्योहारों के सीजन के चलते अगले 20 दिन चुनौतीपूर्ण होंगे। इन दिनों में भारत में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी। इसके बाद से राज्य सरकारों ने त्योहारों के दौरान कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन बनानी शुरू कर दी हैं।
डीडीएमए ने दिए ये निर्देश
नियमों के मुताबिक छठ पूजा के दौरान इस बार दिल्ली में यमुना के किनारे पूजा नहीं की जा सकेगी। इस संबंध में डिस्ट्रिक्ट डिजेस्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी ने आदेश जारी कर इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। डीडीएमए के अनुसार कोरोना महामारी के चलते यह आदेश जारी किया गया है। बताया गया कि इस बार छठ पूजा कुछ निर्धारित जगहों पर ही की जा सकेगी।
यमुना में सामान न प्रवाहित करने का आदेश
डीडीएमए की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस बार यमुना नदी में किसी भी प्रकार का सामान प्रवाहित करने पर प्रतिबंध रहेगा। चिन्हित स्थानों पर प्रवाहित किए गए सामान को एकत्रित कर उसके डिस्पोजल की जिम्मेदारी नगर निगम व अन्य एजेंसियों की होगी। इसके साथ ही अन्य किसी जल मार्ग के जरिए भी इस तरह की कोई भी सामग्री यमुना में आकर न मिले, इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि छठ पूजा के दौरान लोगों को कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही सभी जिलों के डीएम को गाइडलाइंस का पालन कराने के लिए अपने क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि हर साल दिवाली के बाद छठ पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस बार छठ को लेकर पूजन 8 नवंबर से शुरू होगा वहीं दिवाली के छठे दिन 10 नवंबर को छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि देशभर में छठ का त्योहार 8 नवंबर से 11 नवंबर तक मनाया जाएगा।