नई दिल्ली। कांग्रेस का पूरा फोकस केरल विधानसभा चुनाव में बना हुआ है। इसका कारण यहां सीधे तौर पर गांधी परिवार की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। इसके चलते लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव संगठन के.सी.वेणुगोपाल व वरिष्ठ पर्यवेक्षक सचिन पायलट ने केरल में डेरा डाल रखा है। जबकि असम में कांग्रेस महासचिव […]
नई दिल्ली। कांग्रेस का पूरा फोकस केरल विधानसभा चुनाव में बना हुआ है। इसका कारण यहां सीधे तौर पर गांधी परिवार की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। इसके चलते लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव संगठन के.सी.वेणुगोपाल व वरिष्ठ पर्यवेक्षक सचिन पायलट ने केरल में डेरा डाल रखा है। जबकि असम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को असम में तीन सभाएं करेंगी।
दरअसल, केरल के वायनाड से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सांसद है। जबकि इससे पहले इसी सीट से राहुल गांधी सांसद रह चुके हैं। दोनों नेताओं के केरल से जुड़ाव होने के चलते गांधी परिवार की साख इन चुनावों में दाव पर लग चुकी है। यही वजह है कि राहुल गांधी पिछले दो दिनों से केरल के दौरे पर है। वहीं वेणुगोपाल और सचिन पायलट ने केरल में डेरा डाल रखा है। इनके अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेता लगातार केरल का दौरा कर रहे हैं। गौरतलब है कि केरल में कांग्रेस को एलडीएफ के पिनराई विजयन सरकार के दस साल की एंटी इंकबेंसी पर भरोसा है।
केरल में वैसे तो करीब 50 फीसदी से ज्यादा हिंदू वोटर हैं, पर मुस्लिम और इसाई मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं। जहां मुस्लिम समुदाय करीब 25 फीसदी तो इसाई समुदाय करीब 15 फीसदी से अधिक तक बताया जाता है। इन दोनों समुदाय के वोटर्स करीब 40 फीसदी से ज्यादा है। यही वजह है कि कांग्रेस का यहां इंडियन मुस्लिम लीग से गठबंधन होता है, जिसके चलते कांग्रेस को मुस्लिम समुदाय के वोट मिलते रहे हैं। वहीं इसाई समुदाय के वोटर्स में एलडीएफ व भाजपा सेंध लगा रही है।