
Kanhaiya Kumar: यूजीसी पर रोक लगने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। यूजीसी के समर्थन में कभी जेएनयू में प्रदर्शन हो रहा है तो कभी दिल्ली विश्वविद्यालय में बवाल हो रहा है। इसी बीच जेएनयू से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार अपने पुराने अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, इस वीडियो में वह डफली बजा रहे हैं और बाकी छात्र जोर-जोर से नारा लगा रहे हैं।
आपको बता दें कि वीडियो में कन्हैया कुमार डफली बजा रहे हैं और उनके पास खड़े छात्र आजादी के नारे लगा रहे हैं। इसी दौरान 'ब्राह्मणवाद से आजादी' और 'मनुवाद से आजादी' जैसे स्लोगन का भी प्रयोग किया गया। कई यूजर्स के द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह नारा यूजीसी के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लगाया गया है। यूजर्स ने कैप्शन में यह भी लिखा है कि JNUSU की अध्यक्ष अदिति मिश्रा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया था, जिसमें ब्राह्मण विरोधी नारे लगाए गए हैं।
आपको बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय में भी यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन किया गया था, लेकिन उस दौरान महिला पत्रकार से हुई अभद्रता के बाद भारी बवाल मच गया। दरअसल, रिपोर्टिंग के लिए पहुंचीं महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर कथित रूप से भीड़ ने हमला कर दिया। पत्रकार का कहना है कि उन्हें उनकी जाति के आधार पर निशाना बनाया गया और भीड़ के बीच उन्हें बलात्कार जैसी आपत्तिजनक व गंभीर धमकियां दी गईं। यह पूरी घटना उस वक्त हुई, जब विश्वविद्यालय में यूजीसी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन जारी था। इस मामले के सामने आने के बाद न केवल पत्रकारों की सुरक्षा, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय परिसरों में कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं।
महिला पत्रकार ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि वह डियू में यूजीसी के समर्थन में हो रहे प्रदर्शन को कवर करने के लिए गई थी, लेकिन उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब वहां मौजूद मीडियाकर्मियों में से ही किसी व्यक्ति ने जानबूझकर उनका नाम जोर से पुकारा और फिर उनसे उनका पूरा नाम तथा जाति पूछी गई। जैसे ही उनकी पहचान उजागर हुई, कुछ लोगों ने इशारों में भीड़ को उकसाया, जिसके बाद लगभग 500 लोगों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। पत्रकार का आरोप है कि उस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई, जातिसूचक टिप्पणियां की गईं और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं, जिससे माहौल बेहद भयावह हो गया।