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3 पत्नी…6 बैंक अकाउंट, जांच के बाद पुलिस भी हैरान, कैसे परिवार चला रहा था चेतन?

Ghaziabad Three sisters suicide: गाजियाबाद की 3 नाबालिक बहनों के आत्महत्या करने वाले मामले में सामने आया कि 3 पत्नियों के पति चेतन की हालत इतनी खराब है कि दो वक्त की रोटी खिला पाना भी मुश्किल हो गया है।

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Ghaziabad Three sisters suicide case latest update

Ghaziabad Three sisters suicide:गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली 3 नाबालिग बहनों के परिवार की घर के हालात इतने दयनीय है कि उधारी ले लेकर घर खर्च निकल रहा है। पुलिस ने माता- पिता के छह बैंक खातों की पड़ताल की तो सामने आया सच। गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली 3 नाबालिग बहनों के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। चेतन ने तीन शादी तो कर ली लेकिन अब घर चला पाना मुश्किल हो गया है। उधारी मांग-मांग कर तीनों पत्नियों को दो वक्त की रोटी नसीब कर रहा है। जब पुलिस ने चेतन और उसकी तीन पत्नियों के कुल छह बैंक खातों की जांच के बाद सामने आया कि परिवार 2 साल से तंगहाली में जी रहा था। कभी कोई लोन, कभी किसी से उधार तो कभी छोटी-मोटी आमदनी से जैसे-तैसे चेतन गुजारा कर रहा था।

आखिर बच्चियों ने आत्महत्या क्यों की

गाजियाबाद में टीला मोड़ थानाक्षेत्र की भारत सिटी सोसाइटी में 3 फरवरी की रात 3 नाबालिग बहनों के 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। सुसाइड नोट्स से लड़कियों के कोरियन गेम्स और कल्चर से प्रभावित होने की बात सामने आई थी। वह पिता से अक्सर कोरिया ले जाने की जिद करती थीं। यह भी सामने आया कि चेतन ने बेटियों के दो फोन बेच दिए थे। पुलिस परिवार की स्थिति का पता लगाने के लिए बच्चियों के पिता और माताओं के सभी बैंक खातों को खंगाला। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि 16 से 12 साल की इन बच्चियों ने किस हालात में इतना दिल दहला देने वाला फैसला लिया।

दो साल से खातों में कोई लेन-देन नहीं

पुलिस को छह बैंक खातों की जानकारी ली, लेकिन किसी भी खाते में पिछले दो साल से कोई लेन देन नहीं हुआ है। बच्चियों के पिता के खाते में 37 हजार रुपये हैं। तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में पुलिस की जांच अब अंतिम दिशा की ओर बढ़ रही है। पुलिस को परिवार को छह बैंक खातों की जानकारी मिली। इनमें से तीन खाते बच्चियों के पिता चेतन, दो खाते मां सुजाता और एक खाता टीना के नाम पर है।

कभी करोड़ों थे, अब एक रुपया नहीं

बैंक ऑफ बड़ौदा का डीमेट खाता चालू है। उस खाते में 30 हजार रुपये रखना जरूरी होता है और खाते में 37 हजार रुपये हैं। इस खाते में पिछले दो साल के दौरान छोटे-छोटे कुछ लेन-देन पुलिस को मिले हैं, लेकिन कोई बड़ा ट्रांजैक्शन पुलिस को नहीं मिला। चेतन का यह बैंक खाता सितंबर 2007 से चल रहा है। इस खाते में कुछ समय पहले तक करोड़ों का ट्रांजैक्शन हुआ था। वहीं, सुजाता के कोटेक महिंद्रा और एचडीएफसी के दो बैंक खाते काफी पहले ही बंद हो चुके हैं। हिना का कोटक महिंद्रा बैंक में एक खाता है, जिसमें महज 39 पैसे हैं। जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि चेतन ने वर्ष 2016 से अब तक क्रेडिट कार्ड और बैंकों से दस लोन लिए हैं। यह लोन दो से तीन लाख रुपये तक के हैं। सभी लोन वह समय से चुका रहा है।

चेतन उधार मांग कर चला रहा था घर

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन पिछले काफी समय से केवल शेयर ट्रेडिंग का ही काम कर रहा था। उसके प्रॉपर्टी डीलिंग, वाहनों की खरीद-फरोख्त के कारोबार बंद थे। शेयर ट्रेडिंग भी वह किसी दलाल के जरिए कर रहा था, जिससे उसे कुछ आय होती थी। जांच में यह भी पता चला कि वह अपने भाई विष्णु से भी अक्सर रुपये उधार मांगा करता था। इसके अलावा भाई मासिक तौर पर उसे घर खर्च के लिए कुछ रुपये देता था। चेतन रिश्तेदारों और कारोबारी परिचितों से भी उधार मांगने लगा था।

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