नई दिल्ली

दिल्ली बिल्डिंग हादसा: ‘ऐसा लगा जैसे हमारा घर गिर गया’, पड़ोसी ने बताया- बाहर निकले तो शव निकाले जा रहे थे

Delhi Building Collapse: दिल्ली में निर्माणाधीन इमारत गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम ने बताया कि तेज आवाज सुनकर लोग बाहर निकले तो पड़ोस में बन रहा मकान ढह चुका था और एक शव को बाहर निकाला जा रहा था।
2 min read
• •
Updated: 5 Nov 2026, 12:44 PM IST
Delhi Building Collapse
पड़ोसी ने बताया दर्दनाक मंजर की कहानी , फोटो सोर्स- ANI

Delhi Building Accident: दिल्ली में निर्माणाधीन इमारत गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद आसपास रहने वाले लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम ने बताया कि घटना रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच हुई। अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उन्हें लगा कि शायद उनका अपना घर ही गिर गया है।

तेज आवाज सुनकर घरों से बाहर भागे लोग

मोहम्मद नईम के मुताबिक, आवाज सुनते ही घर में मौजूद सभी लोग उठे और तुरंत बाहर की ओर भागे। बाहर निकलकर देखा तो पता चला कि पड़ोस में बन रहा निर्माणाधीन मकान भरभराकर गिर गया था। उन्होंने बताया कि इमारत में तीन से चार लिंटेल यानी छत के ढांचे डाले जा चुके थे और वे सभी एक साथ नीचे आ गिरे।

दो से तीन मंजिल की नई इमारत बन रही थी

स्थानीय निवासी मोहम्मद अल्ताफ ने बताया कि उनका घर इसी गली के ठीक बाहर स्थित है, जहां एक नई दो से तीन मंजिला इमारत का निर्माण चल रहा था। उन्होंने कहा कि इमारत के अचानक गिरने के समय जोरदार आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत घरों से बाहर निकल आए। अल्ताफ के मुताबिक, कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और मलबे के नीचे किसी के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि हादसा काफी जोरदार था, लेकिन आसपास मौजूद दूसरी इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर चिंता का माहौल है और सभी की नजरें मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान पर टिकी हैं।

घायल मजदूर ने बताया- मौके पर मौजूद थे कई लोग

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के बाद स्थानीय लोग राहत और बचाव में जुट गए। एक घायल मजदूर ने उन्हें बताया कि घटना के समय निर्माणाधीन इमारत में करीब तीन से चार लोग मौजूद थे। नईम ने कहा कि उन्होंने मौके पर एक शव को बाहर निकाले जाते हुए भी देखा।

3-4 महीने से चल रहा था निर्माण

मोहम्मद नईम के अनुसार, यह निर्माणाधीन इमारत पिछले करीब तीन से चार महीनों से बनाई जा रही थी। हादसे के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया। हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए और इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Updated on:
5 Nov 2026, 12:44 PM IST
Published on: