नई दिल्ली

दिल्ली सरकार ने खत्म किया ‘वर्क फ्रॉम होम’, ऑफिस टाइमिंग में भी हुआ बदलाव

Delhi government withdraws Work From Home: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' की व्यवस्था को वापस लेने की मंजूरी दे दी है। हालात सामान्य होने के साथ ही GNCTD की ऑफिस टाइमिंग में भी बदलाव किया गया है।
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rekha gupta
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (ANI)

Delhi government withdraws WFH: दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक अहम बदलाव करते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू वर्क फ्रॉम होम (WFH) नीति को पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इस कदम को राजधानी में सामान्य प्रशासनिक कामकाज को फिर से पहले की तरह सुचारु बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लिए गए इस फैसले के तहत बुधवार और शनिवार को लागू वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को अब तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से बताया गया है कि इस संबंध में जल्द ही औपचारिक आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

सरकारी ऑफिस के समय में भी बड़ा बदलाव

वर्क फ्रॉम होम खत्म करने के साथ ही दिल्ली सरकार ने GNCTD के सभी सरकारी ऑफिस के टाइम में भी बदलाव किया है। अब नए आदेश के अनुसार सरकारी कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुले रहेंगे। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद प्रशासनिक कामकाज को ज्यादा प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है। हालांकि, दिल्ली नगर निगम (MCD) के दफ्तरों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MCD पहले की तरह ही सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक अपने निर्धारित समय पर काम करते रहेंगे।

ईंधन बचत नीतियों में भी बदलाव के संकेत

यह फैसला सरकार की हाल ही में लागू की गई मितव्ययिता (austerity) और ईंधन बचत नीतियों में आंशिक बदलाव की ओर इशारा करता है। इससे पहले सरकार ने कई कड़े कदम उठाए थे, जिनका उद्देश्य प्रदूषण कम करना, ट्रैफिक दबाव घटाना और ईंधन की खपत में कमी लाना था। इन्हीं प्रयासों के तहत सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके साथ ही मेट्रो मंडे जैसी पहल भी शुरू हुई थी, जिसमें अधिकारियों और मंत्रियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया था।

पहले लिए गए कई सख्त फैसले

दिल्ली सरकार ने इससे पहले भी प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए कई अहम फैसले लिए थे। इनमें मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के विदेशी दौरों पर एक साल की रोक प्रमुख थी। इसके अलावा नई पेट्रोल, डीजल, CNG और हाइब्रिड वाहनों की खरीद पर छह महीने की पाबंदी भी लगाई गई थी। सरकार ने नो व्हीकल डे जैसे अभियानों के जरिए आम लोगों को भी ट्रैफिक और प्रदूषण नियंत्रण में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया था। साथ ही, सरकारी कामकाज में डिजिटल व्यवस्था, ऑनलाइन मीटिंग्स और वर्चुअल सुनवाई को भी बढ़ावा दिया गया था।

अब सामान्य व्यवस्था की ओर वापसी

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मौजूदा हालात को स्थिर और सामान्य मानते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को फिर से पुराने स्वरूप में लाने का निर्णय लिया गया है।हालांकि, ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए स्टैगर्ड टाइमिंग की व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि दफ्तरों के आने-जाने के समय भीड़ और जाम की समस्या को कम किया जा सके।

Updated on:
04 Jul 2026 10:58 am
Published on:
04 Jul 2026 10:16 am