दिल्ली सरकार द्वारा यमुना नदी के कायाकल्प के मद्देनजर बुधवार को कैंपेन शुरू किया गया। दिल्ली सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के इको क्लब द्वारा बुधवार को आईटीओ स्थित छठ घाट पर आई लव यमुना कैंपेन की शुरुआत की गई। इस कैंपेन को दिल्ली के वन एवं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुरू किया। इस कैंपेन में बुधवार को कई स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान यमुना घाट पर पौधारोपण भी किया गया।
दिल्ली सरकार के अनुसार आई लव यमुना कैंपेन कैंपेन के तहत बुधवार को दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के ईको क्लब से करीब 1500 बच्चों और शिक्षक शामिल हुए। यमुना नदी की महत्ता और दिल्ली की प्रदूषण की समस्या के बारे में बच्चों को अवगत कराने के लिए इस कैंपेन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मौजूद सभी बच्चों ने यमुना नदी की सफाई से संबंधित स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और यमुना नदी की सफाई को लेकर महत्वपूर्ण शपथ भी ग्रहण की। साथ ही विभाग द्वारा इस कैंपेन में उपस्थित सभी लोगों को फ्री औषधीय पौधे भी बाटें गए। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री ने यमुना घाट पर जाकर सफाई अभियान का निरीक्षण करते हुए पौधारोपण भी किया। इस मौके पर मंत्री गोपाल राय ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान के जरिए यमुना नदी के किनारे हरित क्षेत्र बढ़ाने का कार्य करेंगे।
यमुना नदी के कायाकल्प के लिए तैयार की गई है सात सूत्रीय योजना
वन एवं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि सरकार समझती है कि यमुना की सफाई और रेस्टोरेशन का काम अलग-अलग प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए जरूरत है की सभी स्टेकहोल्डर्स, लोकल समुदायों और शैक्षिक संस्थान एक साथ मिलकर सरकार का सहयोग करें। सरकार ने अपने स्तर पर यमुना नदी के कायाकल्प के लिए इस वर्ष के बजट में सात सूत्रीय कार्य योजना तैयार की है। इसमें यमुना नदी के कायाकल्प के अंतर्गत मौजूदा 18 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अपग्रेड, 3 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण (एसटीपी), 3 मौजूदा एसटीपी का रिहैबिलिटेशन और 40 नए डी -सेंट्रलाइज्ड एसटीपी का निर्माण जाएगा।
यमुना की सफाई के मद्देनजर किए जाएंगे कई कार्य
यमुना में गिरने वाले 3 अनटेप्प्ड मेजर और 76 सब नालों को रोकने का कार्य किया जाएगा। 1799 अनधिकृत कॉलोनियों और 639 जेजे क्लस्टर में सीवरेज नेटवर्क के विस्तार का कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। सीईटीपी द्वारा मानकों के अनुसार सभी औद्योगिक सीईटीपी के ट्रीटमेंट का कार्य, सेप्टेज प्रबंधन का कार्य, यमुना बाढ़ क्षेत्र का प्रबंधन और ट्रीटेड वेस्ट वॉटर जल का पूरी तरह से उपयोग करने के कार्य किए जाएंगे।