
Delhi LatestNews:दिल्ली के जसोला गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को परेशान कर दिया है। 15 साल का मिथुन पतंग पकड़ने के दौरान खुले नाले में गिर गया और उसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। बेटे की तलाश में जब कई घंटे गुजर गए और बचाव टीमों को भी सफलता नहीं मिली तो पिता अवधेश कुमार खुद नाले में उतर गए।
अवधेश कचरे और गंदे पानी के बीच अपने बेटे को तलाशते रहे। वह नाले में हाथ डालकर कचरा हटाते रहे और आसपास मौजूद लोगों से भी मदद की गुहार लगाते रहे। पिता की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
मिथुन आठवीं कक्षा में पढ़ता था और अपने परिवार के साथ जसोला गांव में रहता था। बताया जा रहा है कि शनिवार को वह पतंग पकड़ने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह खुले नाले में जा गिरा। नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण वह कुछ ही पल में पानी में बह गया।
हादसे की खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद NDRF, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गोताखोरों की टीम ने भी तलाश शुरू की। नाले में काफी दूर तक खोजबीन की गई, लेकिन मिथुन का कोई सुराग नहीं मिला।
जब काफी देर तक बचाव अभियान के बावजूद बेटे का पता नहीं चला तो पिता से रहा नहीं गया। अवधेश खुद नाले में उतर गए और कचरे के बीच अपने बेटे को तलाशने लगे। सामने आए वीडियो में वह पानी और कचरे के बीच हाथ से खोजबीन करते दिखाई दे रहे हैं।
परिवार के लिए सबसे मुश्किल बात यह है कि हादसे के काफी समय बाद भी मिथुन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। परिजनों और स्थानीय लोगों की नजर अब बचाव टीमों पर टिकी हुई है।
मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने भी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर MCD के जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, रेखा गुप्ता ने मामले पर नाराजगी जताई और अधिकारियों से संबंधित नाले की जिम्मेदारी तय करने को कहा। इसके बाद JE के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जसोला की घटना ने दिल्ली में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के दिनों में पानी भरने के बाद ऐसे नाले दिखाई भी नहीं देते और हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
फिलहाल परिवार की सारी उम्मीदें मिथुन की तलाश पर टिकी हैं। पिता अपने बेटे को ढूंढने के लिए नाले में उतर गया, लेकिन सवाल यही है कि आखिर एक बच्चे को ऐसे खुले नाले तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से इंतजाम क्यों नहीं किए गए?