नई दिल्ली

‘शराब बुकिंग ऐप 24 घंटे में वापस लें’: AAP का सरकार को अल्टीमेटम, कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

Delhi Liquor Booking App: दिल्ली में शराब की एडवांस बुकिंग के लिए लॉन्च की गई 'DSIIDC Liquor Booking App' पर बवाल खड़ा हो गया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने योजना को 24 घंटे में वापस लेने का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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Updated: 28 Oct 2026, 4:28 PM IST
Delhi Liquor Booking App
AAP का सरकार को अल्टीमेटम, कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

DSIIDC liquor booking app: राजधानी दिल्ली में शराब की खरीदारी को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक नई डिजिटल पहल अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है। दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (DSIIDC) द्वारा पेश की गई 'दिल्ली लिकर बुकिंग' (Delhi Liquor Booking) मोबाइल ऐप को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

क्या है ऐप की सुविधा?

DSIIDC के अधिकारियों के अनुसार, इस मोबाइल ऐप के जरिए उपभोक्ता दिल्ली में निगम के लगभग 210 सरकारी शराब ठेकों पर उपलब्ध अपनी पसंदीदा ब्रांड की शराब एडवांस में बुक करने के साथ ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं। इसके बाद ग्राहक संबंधित आउटलेट पर जाकर अपनी बुकिंग की शराब ले सकते हैं। इस सुविधा का उद्देश्य ग्राहकों को ब्रांड की उपलब्धता की जानकारी देकर दुकानों पर शराब की कमी और लंबी कतारों जैसी समस्याओं से राहत दिलाना है। हालांकि, ऐप के जरिए बुकिंग करने पर भी खरीदारी की मौजूदा सीमा लागू रहेगी, जिसके तहत एक व्यक्ति अधिकतम 9 लीटर व्हिस्की और 18 लीटर बीयर खरीद सकता है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्रचार-प्रसार की कमी के कारण ऐप को ग्राहकों से धीमी प्रतिक्रिया मिल रही है।

'24 घंटे में वापस लो योजना, वरना करेंगे जनआंदोलन'

ऐप लॉन्च होते ही आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इसे जनविरोधी फैसला करार देते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार 24 घंटे के भीतर ‘बुक योर लिकर’ योजना वापस ले, वरना आम आदमी पार्टी भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन और विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार को शराब की दुकानों पर कतारों में खड़े लोगों की चिंता है, लेकिन उनकी पार्टी इस जनविरोधी नीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने भी इस योजना की व्यवहारिक उपयोगिता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि "मुख्य सवाल यह है कि ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद भी इंसान को शराब लेने दुकान पर ही जाना पड़ेगा। असली दिक्कतें, जैसे दुकानों के बाहर ट्रैफिक जाम और बदसलूकी की घटनाएं तो वहीं होती हैं। समझ नहीं आ रहा कि इस कदम से क्या बदलाव आएगा।

दिल्ली में सरकारी ठेकों का गणित

दिल्ली में वर्तमान में चार अलग-अलग सरकारी एजेंसियों-DSIIDC, DTTDC, DSCSC और DCCWS-द्वारा 700 से अधिक शराब की दुकानें संचालित की जा रही हैं। नया विवाद ऐसे समय में आया है जब सरकार शराब की उपलब्धता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा देने का दावा कर रही है। फिलहाल इस राजनीतिक बयानबाजी पर बीजेपी और दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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28 Oct 2026, 4:28 PM IST
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