
Delhi Lok Adalat 2026:दिल्ली में कार या बाइक चलाने वालों के लिए राहत की ख़बर है। अगर आपके वाहन का कोई पुराना ट्रैफिक चालान बाकी है तो उसे निपटाने का मौका मिलने जा रहा है। दिल्ली में 25 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी, जहां तय नियमों के तहत पुराने चालान निपटाए जाएंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को पहले ऑनलाइन स्लिप निकालनी होगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस बार दो लाख चालान और नोटिस निपटाने की सीमा रखी है। हालांकि, लोक अदालत में जाने से पूरा जुर्माना माफ होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोक अदालत में हर तरह के ट्रैफिक चालान का निपटारा नहीं होगा। केवल उन्हीं चालान पर सुनवाई होगी, जिन्हें नियमों के मुताबिक लोक अदालत में निपटाया जा सकता है। इसलिए वाहन मालिकों को पहले यह देखना होगा कि उनका चालान इसके लिए मान्य है या नहीं।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोगों को पुराने चालान निपटाने के लिए लंबी अदालती प्रक्रिया से राहत मिल सकती है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 19 अक्टूबर से चालान की स्लिप डाउनलोड करने की सुविधा शुरू कर दी है। एक दिन में अधिकतम 50 हजार स्लिप ही डाउनलोड की जा सकेंगी।
इस बार कुल दो लाख चालान और नोटिस की सीमा तय है। यह संख्या पूरी होने के बाद स्लिप मिलना बंद हो सकता है। इसलिए वाहन मालिकों को आखिरी समय का इंतजार नहीं करना चाहिए।
सबसे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat/ पर जाएं। यहां अपने वाहन का नंबर और मांगी गई जानकारी भरें। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कोड डालें। जरूरत पड़ने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से अपनी पहचान की पुष्टि करें। इसके बाद पात्र चालान की स्लिप डाउनलोड करके रख लें।
लोक अदालत के लिए दिल्ली के सात कोर्ट परिसरों में इंतजाम किए गए हैं। इनमें पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, राउज एवेन्यू, साकेत, तीस हजारी, रोहिणी और द्वारका कोर्ट शामिल हैं। वाहन मालिकों को अपनी स्लिप पर दी गई अदालत में जरूरी कागजात लेकर पहुंचना होगा।
कई लोगों को लगता है कि लोक अदालत में जाने से पूरा जुर्माना माफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। चालान किस वजह से कटा है और मामला किस तरह का है, उसी आधार पर फैसला होगा।
इसलिए लोक अदालत जाने से पहले अपने चालान की जानकारी जरूर जांच लें। साथ ही स्लिप और जरूरी कागजात तैयार रखें, ताकि मौके पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।