
Delhi Police:दिल्ली में प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल के बीच सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर है। अफवाह फैलाने और लोगों को भड़काने की आशंका वाले करीब 300 पोस्ट हटाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, इन पोस्ट के जरिए ऐसी बातें फैलने का खतरा था, जिनसे लोगों के बीच तनाव बढ़ सकता था।
पुलिस सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है, ताकि गलत खबरों और अफवाहों को फैलने से रोका जा सके। खासकर ऐसे समय में, जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, पुलिस नहीं चाहती कि गलत जानकारी के कारण हालात बिगड़ें।
दिल्ली पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो या खबर बिना जांचे साझा नहीं करने की सलाह दी है। 11 अक्टूबर की एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया था कि पुराने वीडियो, दूसरे राज्यों की घटनाओं और AI से बनाए गए वीडियो को भी इस तरह शेयर किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच गलतफहमी या तनाव पैदा हो सकता है।
ऐसे में किसी वीडियो को देखकर तुरंत भरोसा करना भारी पड़ सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गलत या बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
दिल्ली में इन दिनों चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दल प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर सवाल उठा रहा है। वहीं, चुनाव आयोग और भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। ऐसे माहौल में सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली गलत जानकारी पुलिस के लिए भी चिंता का विषय है।
सोशल मीडिया पर कोई तस्वीर या वीडियो दिखे, तो उसे तुरंत दूसरों को भेजने के बजाय पहले यह पता करें कि वह कब और कहां का है। यह भी देखें कि जानकारी किसी भरोसेमंद स्रोत से आई है या नहीं। कई बार पुरानी घटना को नई बताकर साझा किया जाता है, जिससे लोग भ्रमित हो सकते हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक करीब 300 पोस्ट हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन पोस्ट में क्या था और किन खातों से इन्हें साझा किया गया था, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।