
Delhi Air Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी के कई इलाकों में AQI 444 तक पहुंचने से जहरीली हवा का खतरा बढ़ गया है। इस सीजन में पहली बार हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज की गई है। इसके तहत पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव जैसे कदम उठाए जाएंगे। वहीं, दिल्ली मेट्रो मंगलवार से 20 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। पंजाब में भी पराली जलाने के मामले सामने आए हैं।
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। इस सीजन में पहली बार राजधानी की हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंची है। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा दर्ज किया गया है। हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम होना और वातावरण में नमी बढ़ना प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कुल प्रदूषण में करीब 31 फीसदी हिस्सेदारी स्थानीय स्रोतों की है, जबकि लगभग 69 फीसदी प्रदूषण बाहरी इलाकों से आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पराली जलाने और त्योहारों के दौरान प्रदूषण बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं।
पंजाब में अब तक पराली जलाने के 2,347 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कुल 40.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं है। आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी के कुल प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है। शहर के कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में AQI 438, रोहिणी में 417, पंजाबी बाग में 414, अलीपुर में 396 और विवेक विहार में 391 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। खासकर जहांगीरपुरी, रोहिणी और पंजाबी बाग में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है।
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कई तरह के कदम उठाए जाएंगे। लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने और सरकारी दफ्तरों के कामकाज के समय में बदलाव जैसे उपाय किए जाएंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए मंगलवार से 20 अतिरिक्त फेरे चलाने का फैसला किया है। इससे मेट्रो की सेवाएं बढ़ेंगी और सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले निर्माण कार्यों पर सख्ती की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे और AI आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भी सक्रिय किया गया है।
सोमवार को दिल्ली के आसमान में धुंध की परत छाई रही। इसके साथ ही तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और शाम हवा की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदूषण से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से परेशान लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुबह के समय बाहर निकलने से बचें और प्रदूषण के बीच जरूरी सावधानियां रखें।