
Delhi Tughlaqabad Fire: 12 जून को सुबह दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में 6 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि आग की शुरुआत पार्किंग से हुई थी और उसी आग ने धीरे-धीरे पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, इस हादसे ने एक परिवार के तीन लोगों की जान ले ली है। वहीं परिवार की एक सदस्य मोनी जिंदा है और उसका भी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पड़ोसियों ने हादसे वाले दिन का पूरा घटनाक्रम बताया है। उनका कहना है कि हादसे में जांन गंवाने वाले पंकज और उनका परिवार लगभग 40 मिनट तक बालकनी में खड़े होकर मदद के लिए चिल्लाते रहे। आसपास के लोग उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन धुएं और आग की तेज लपटों के कारण समय रहते उन्हें बाहर नहीं निकाल पाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आग से ज्यादा खतरनाक धुआं साबित हुआ। बिल्डिंग में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था और छत का दरवाजा भी बंद था। ऐसे में धुआं बेसमेंट से तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। इसी वजह से चौथी और पांचवीं मंजिल पर मौजूद लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्य लगातार बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन घने धुएं ने उन्हें वहीं फंसा दिया।
जानकारी के अनुसार बिल्डिंग में रात के करीब दो बजे आग लगी थी। जैसे ही पड़ोसियों को आग लगने की सूचना मिली, सब मिलकर बचाव कार्य में लग गए। आग में फंसे लोगों को साड़ियों की मदद से नीचे उतारा गया। वहीं आग को बुझाने के लिए पानी भी फेंका गया। उसके अलावा लोगों को पीछे वाले गेट से निकालने के लिए लोहे की ग्रिल को भी काटा गया। सभी लोगों ने दमकल विभाग के कर्मचारियों के आने से पहले हर संभव मदद की।
इस दर्दनाक हादसे ने पंकज पांडे के परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। जानकारी के अनुसार, करीब दो साल पहले पंकज के पिता की कैंसर के कारण मौत हो गई थी। पिता के निधन के बाद पंकज और उसकी बहन ने परिवार की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठा ली थीं। वह दोनों अपनी मां और छोटी बहन के लिए दिन रात मेहनत करते थे। अब इस हादसे के बाद सिर्फ पंकज की छोटी बहन मोनी रह गई है