फेसबुक पर हेट स्पीच और फेक न्यूज को रोकने में नाकाम होने के आरोपों के बाद केंद्र सरकार सख्त नजर आ रही है। केंद्र ने फेसबुक को पत्र लिखकर इसे रोकने के लिए किए जा प्रयासों के संबंध में जानकारी मांगी है।
नई दिल्ली। हेट स्पीट और फेक न्यूज को लेकर फेसबुक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दरअसल, केंद्र सरकार इस मामले को लेकर सख्त नजर आ रहा है। इसके चलते ही केंद्र ने फेसबुक को पत्र लिखकर हेड स्पीच और फेक न्यूज को रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में जानकारी देने को कहा है। केंद्र सरकार का कहना है कि फेसबुक फेक न्यूज को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दे। इसके साथ ही केंद्र ने पूछा कि क्या कंपनी ने एल्गोरिदम यूज किया है।
फेसबुक पर हेट स्पीच को रोकने का आरोप
बता दें कि हाल ही में व्हिसल ब्लोअर ने फेसबुक को हेट स्पीच और फेक न्यूज को रोकने में पूरी तरह से नाकाम बताया था। उन्होंने दावा किया था कि प्लेटफॉर्म पर हिंसा फैलाने वाले पोस्ट को प्रमोट किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत में प्लेटफॉर्म पर एंटी मुस्लिम कटेंट को काफी बढ़ावा मिलता है। इसके बाद केंद्र सरकार इस संबंध में सख्त नजर आ रही है और फेसबुक को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है।
भारत में फेसबुक के 40 करोड़ यूजर्स
फेसबुक पर इस तरह के मामलों के लेकर केंद्र के इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। हाल ही में इंटरनल डॉक्यूमेंट से मालूम चला है कि भारत गलत सूचनाओं और हेट स्पीच को लेकर कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। इससे भारत में बड़े पैमाने पर हिंसा भी फैली है। वहीं हेट स्पीड और गलत सूचनाओं को फैलाने में सोशल मीडिया का अहम रोल है। बता दें कि भारत में फेसबुक का बड़ा मार्केट है, यहां करीब 40 करोड़ से ज्यादा यूजर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
जानकारी के मुताबिक अब मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड आईटी की तरफ से Facebook को एक पत्र लिखकर सोशल मीडिया की तरफ से उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी मांगी गई है। हालांकि Facebook ने अभी तक सरकार की ओर से हेट स्पीच को रोकने को लेकर मांगी गई जानकारी के संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।