Happy bhai dooj 2021. आज देशभर में भाई दूज का त्योहार मनाया जा रहा है। भाई दूज के दिन भाई और बहन यमुना नदी में स्नान करते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे क्या मान्यता है।
नई दिल्ली। Happy bhai dooj 2021. आज भाई और बहन के प्यार का त्योहार 'भाई-दूज' मनाया जा रहा है। बता दें कि यह त्योहार दीपावली के दो दिन बाद यानि कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। मान्यता है कि जहां रक्षाबंधन के मौके पर बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके आती हैं। उसी तरह से भाई-दूज के दिन भाई अपने बहनों से मिलने उनके घर जाते हैं। यहां बहनें भाइयों को टीका करती हैं और उनकी सुख-समद्धि की प्रार्थना करती हैं। इस दिन भाइयों का बहन के घर जाना और भोजन करना शुभ माना जाता है।
भाई दूज को यम द्वितीय
भाई दूज का ये त्याहोर तो सभी मनाते हैं, लेकिन कम ही लोग जानते होंगे कि भाई दूज को यम द्वितीय भी कहा जाता है और इस दिन भाई और बहन एक दूसरे का हाथ पकड़कर यमुना में डुबकी भी लगाते हैं। दरअसल, इसके पीछे भी एक कहानी है। यम और यमुना दोनों सूर्य देव की संतान हैं और भाई बहन हैं। यमुना को सदैव अपने भाई से शिकायत रहती थी कि वो उससे मिलने नहीं आते। फिर एक दिन यम अपनी बहन यमुना से मिलने पहुंचते हैं। अपने भाई को देखकर यमुना बहुत प्रसन्न हो जाती हैं और उनका स्वागत-सत्कार करती हैं।
भाई-बहन क्यों करते हैं यमुना स्नान
बहन यमुना के इस आव-भगत को देखकर यम बहुत प्रसन्न होते हैं और अपनी बहन से वरदान मांगने को कहते हैं। इस पर यमुना ने कहा कि अगर आप मुझसे प्रसन्न हैं और वर देना चाहते हैं तो वदरान दीजिए कि जो भी भाई बहन इस दिन हाथ पकड़ कर यमुना में डुबकी लगाएं उन्हें यमपाश से मुक्ति प्राप्त हो। यम ने अपनी बहन की इस लोगों की कल्याण की भावना का स्वागत किया और उन्हें ये वरदान दे दिया। इसके बाद से ही भाई-दूज के दिन भाई-बहन के यमुना में नहाने की प्रथा चली आ रही है।
बता दें कि भाई-दूज के दिन यम और यमुना की पूजा भी होती है। यम द्वितीया को संध्या बेला में यम के नाम से एक चौमुखी दीपक घर के मुख्य द्वार पर रखा जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से यम की कृपा परिवार पर बनी रहती है।