Agneepath: कांग्रेस पिछले करीब एक पखवाड़े से सेना की अग्निपथ भर्ती योजना का विरोध कर रही है। वहीं पंजाब के आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी इस भर्ती योजना के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं। एक अंग्रेजी अखबार में तिवारी ने अग्निपथ के समर्थन में लेख लिख दिया। यह कांग्रेस को नागवार गुजरा है और कांग्रेस महासचिव व कम्यूनिकेशन विभाग के अध्यक्ष जयराम रमेश को इस पर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने तिवारी के लेख को उनके निजी विचार बताया है। वहीं तिवारी ने रमेश को नसीहत दी है कि कोई भी प्रतिक्रिया देने से पहले उन्हें लेख को अंत तक पढऩा चाहिए था।

Agneepath Scheme: पंजाब (Punjab) के पूृर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder Singh) के नजदीकी रहे कांग्रेस नेता व सांसद मनीष तिवारी भी अब पार्टी लाइन से दूर होते दिख रहे हैं। सेना की अग्निपथ योजना का वह लगातार समर्थन कर रहे हैं। पार्टी के रूख से हटते हुए तिवारी ने बुधवार को एक अंग्रेजी अखबार में एक लेख के माध्यम से कहा कि नई अग्निपथ योजना एक ऐसा सुधार है जिसकी बहुत जरूरत है और यह सही दिशा में एक सुधार है। उन्होंने कहा कि भारत को अत्याधुनिक हथियारों से लैस टैक्नोलॉजी के लिए युवा सशस्त्र बल की आवश्यकता है। यह भर्ती सुधार सशस्त्र बलों को सही आकार देने में मदद करेगा। इससे कुछ दिन पहले भी तिवारी ने ट्वीट कर अग्निपथ योजना की तारीफ करने के साथ कहा था कि वह अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया को लेकर चिंतित युवाओं के साथ सहानुभूति रखते हैं। वास्तविकता यह है कि सशस्त्र बलों को रोजगार गारंटी कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। तिवारी के इस लेख पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आपत्ति जताते हुए साफ कर दिया है कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। ऐसे में यह कहना होगा कि ये उनके निजी विचार है, पार्टी के विचार नहीं है। कांग्रेस मानती है कि यह योजना राष्ट्रीय हित और युवा विरोधी है। इसे बिना विचार-विमर्श के सरकार लेकर आई है। तिवारी ने रमेश के ट्वीट को रीट्वीट किया और अपने लेख के एक हिस्से का स्क्रीन शॉट साझा करते हुए लिखा कि लेख की टैगलाइन कहती है कि ये निजी विचार हैं। काश जयराम रमेश ने इसे आखिर तक पढ़ा होता।
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