नई दिल्ली

वायरल पोस्ट: यूनियन बैंक के स्टेटमेंट में मिली ₹20 की भेलपूरी, यूजर बोले- भेलपूरी वालों को RAW में शामिल करो

Data Privacy India: एक व्यक्ति ने सड़क किनारे ₹20 की भेलपूरी खरीदी, जो किसी के निजी बैंक स्टेटमेंट वाले कागज में लिपटी हुई थी। इस घटना ने भारत में डेटा गोपनीयता और साफ-सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।

2 min read
May 23, 2026
photo social media

Bhel Puri Viral News: आज के डिजिटल दौर में जहां हम अपनी निजी जानकारियों को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड और लॉक का इस्तेमाल करते हैं, वहीं एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक आम आदमी की बैंकिंग से जुड़ी बेहद गोपनीय जानकारियां सड़क पर कौड़ियों के भाव बिक रही हैं। एक शख्स को ₹20 की भेलपूरी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के दो पन्नों के असली बैंक स्टेटमेंट में लपेटकर दी गई।

ये भी पढ़ें

5 लाख की सैलरी, 2 करोड़ का होमलोन और एक झटके गई नौकरी, कर्मचारी ने टर्मिनेशन लेटर शेयर कर बयां किया अपना दर्द

प्राइवेसी पर उठे गंभीर सवाल

इस मामले को सुधांशु अंभोरे नाम के एक एक्स यूजर ने शेयर किया। उन्होंने लिखा कि भेलपूरी के उस कागज पर ग्राहक का नाम, अकाउंट नंबर और पैसों के लेन-देन का पूरा इतिहास साफ-साफ दिख रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, भारत में प्राइवेसी निजता सच में एक मजाक बनकर रह गई है।

इस पोस्ट पर लोगों ने तरह-तरह के कमेंट्स किए:

मजाकिया अंदाज
एक यूजर ने लिखा, ऐसा तो मेडिकल रिपोर्ट्स के साथ भी होता है। शायद हमें भेलपूरी वालों को ही देश की खुफिया एजेंसी में भर्ती कर लेना चाहिए।

धोखाधड़ी का डर
कुछ लोगों ने चिंता जताई कि अगर ऐसी जरूरी जानकारियां गलत हाथों में पड़ जाएं, तो किसी के साथ भी बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड स्कैम हो सकता है।

बैंक की गलती या खुद ग्राहक की लापरवाही?

इंटरनेट पर इस बात को लेकर भी बहस छिड़ गई कि यह कागज बाहर कैसे आया। कुछ जानकारों का कहना था कि यह स्टेटमेंट बैंक की शाखा से प्रिंट नहीं हुआ है, बल्कि खुद ग्राहक ने मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग से पीडीएफ निकालकर रद्दी में फेंक दिया होगा, क्योंकि बैंक फिजूल में ऐसे कागज प्रिंट नहीं करते।

सेहत और धोखाधड़ी का खतरा

कुछ लोगों ने चिंता जताई कि इस तरह की बैंकिंग जानकारी का इस्तेमाल करके किसी के साथ भी बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड स्कैम किया जा सकता है। वहीं, कुछ यूजर्स ने सेहत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रद्दी वाले इन कागजों को बेहद गंदी जगहों पर रखते हैं जहां चूहे घूमते हैं। ऐसे कागज में खाना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।

ये भी पढ़ें

King of Mangoes: बिना किसी केमिकल के, घास की गर्मी में पकता है यह ‘शाही आम’, जानें रत्नागिरी अल्फोंसो की अनोखी बातें
Published on:
23 May 2026 05:13 pm
Also Read
View All