नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज और जनमत के बीच सेतु का कार्य करता है। ‘जन के मन तक’ जैसी पुस्तकें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री बनती हैं। बिरला ने यह बात पत्रिका समूह के डिप्टी […]
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज और जनमत के बीच सेतु का कार्य करता है। ‘जन के मन तक’ जैसी पुस्तकें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री बनती हैं।
बिरला ने यह बात पत्रिका समूह के डिप्टी एडिटर भुवनेश जैन की पुस्तक ‘जन के मन तक’ की पहली प्रति प्राप्त करने के बाद कही। यह पुस्तक पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की विभिन्न चुनावी यात्राओं, जनसंवादों और जमीनी अनुभवों का संकलन है।
पुस्तक की प्रति सौंपते हुए जैन ने बताया कि ‘जन के मन तक’ में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कोठारी के 12 राज्यों के दौरे तथा 2023 में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान की गई यात्राओं का विस्तृत दस्तावेज शामिल है।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल चुनावी रिपोर्टिंग का संकलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नब्ज को समझने का एक गंभीर प्रयास है। इसमें गांव-ढाणी से लेकर शहरों तक मतदाताओं की अपेक्षाओं, प्रमुख मुद्दों और बदलते राजनीतिक परिदृश्य को प्रत्यक्ष अनुभवों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक में विभिन्न राज्यों के चुनावी दौरों के दौरान सामने आए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों का विश्लेषण भी शामिल है। इसमें यह दर्शाया गया है कि समय के साथ मतदाताओं की प्राथमिकताएं किस प्रकार बदली हैं और स्थानीय मुद्दे किस तरह राष्ट्रीय विमर्श को प्रभावित करते हैं।