- 160 किलोमीटर की स्पीड से दौड़ेगी रेपिड रेल - मुख्यसचिव ने किया सफर, 2027 में होगी शुरुआत
नई दिल्ली। दिल्ली से अलवर की राह जल्द ही और भी आसान हो जाएगी और 117 मिनट में यह दूरी पूरी हो सकेगी। नेशनल कैपिटल रिजन प्लानिंग बोर्ड की आरआरटीएस परियोजना के तहत अभी दिल्ली गाजियाबाद मेरठ कॉरिडोर पूरा चुका है। राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने शुक्रवार को अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ इस नमोभारत रैपिड रेल का सफर किया। दिल्ली-अलवर कॉरिडोर की शुरुआत 2027 में होगी।
पांचवी मुख्य सचिव कान्फ्रेंस में हिस्सा लेने यहां आए मुख्य सचिव श्रीनिवास ने बताया कि न्यू अशोक विहार स्टेशन से दुहाई तक का 27 किलोमीटर का सफर रैपिड रेल ने 160 किलोमीटर की गति से पूरा किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का दिल्ली अलवर कॉरिडोर 2027 में शुरू हो जाएगा। मुख्य सचिवों ने इस दौरान ट्रेन का सिम्युलेशन ऑपरेटिंग भी देखा।
मुख्य सचिव ने दुहाई डिपो पर सिम्युलेशन ट्रेनिंग सेंटर के दौरे के दौरान सिम्युलेटर पर ट्रेन संचालन देखा
दिल्ली के सराय कालेखां से मानेसर, रेवाड़ी और अलवर को जोड़ने वाले इस नमो भारत रैपिड रेल का परियोजना निर्माण केन्द्र, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली सरकारों की संयुक्त कम्पनी नेशनल कैपिटल रिजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन कर रहा है। कुल 164 किलोमीटर लम्बे इस ट्रैक पर बाइस स्टेशन होंगे। जिनमें से पांच भूमिगत होंगे। 2030 तक इससे साढ़े आठ लाख यात्रियों के रोज सफर करने का अनुमान है।
फेज 1 - सराय काले खां- गुड़गांव-धारूहेड़ा 70.72 किलोमीटर
फेज 2 - धारूहेड़ा- एनएनबी 36 किलोमीटर
फेज 3 - एसएनबी- बहरोड़-सोतानाला 35 किलोमीटर
फेज 4 - एसएनबी- अलवर 58 किलोमीटर