
Neha Bora Statement: AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस थाने के बाहर कथित तौर पर मौजूद कुछ लोगों को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि जब वह SEM कोर्ट पहुंचीं, उस समय मंदिर मार्ग थाने के बाहर कुछ लोग खड़े थे, जिन्हें पुलिस वहां से हटा नहीं रही थी।
नेहा बोरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस इन गुंडों को वहां से हटा क्यों नहीं रही थी? क्या यह शांति भंग करने का मामला नहीं है? उनका यह बयान उस समय सामने आया, जब वह मंदिर मार्ग पुलिस थाने से जुड़े मामले के सिलसिले में SEM कोर्ट पहुंची थीं। उन्होंने थाने के बाहर मौजूद लोगों को लेकर नाराजगी जताई और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए। नेहा बोरा ने जिन लोगों को ‘गुंडा’ कहा, उनकी पहचान और वहां मौजूद होने की वजह को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नेहा बोरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस स्टेशन के बाहर 50 से 60 गुंडे खड़े होकर कह रहे थे कि 'देखते हैं कि नेहा बोरा को कौन बचाता है।' उन्होंने यह भी कहा कि धमकी देने के साथ नारे लगाए जा रहे थे कि नेहा 'बोरा मुर्दाबाद'। नेहा ने सवाल करते हुए कहा कि उन गंडों को स्टेशन के बाहर से हटाने के लिए पुलिस कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही थी। इन गुंडों की वजह से पुलिस को कोई दिक्कत नहीं हो रही थी, लेकिन वहीं अगर कोई ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट करता है तो पुलिस उन पर कर्रवाई करने लगती है।
नेहा ने आरोप लगाते हुए कहा कि राइट विंग के गुंडों को क्या पुलिस ने कानून तोड़ने की आजादी दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई शांतिपूर्ण से प्रदर्शन करता है तो उन्हें अराजक तत्व माना जाता है और वहीं अराजकता फैलाने वाले गुंडों को पुलिस शांतिपूर्ण की नजर से देख रही है।
बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद नेहा बोरा मंदिर मार्ग स्थित SEM कोर्ट पहुंचीं। यहां कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी करने से संबंधित सभी दस्तावेज उन्हें सौंप दिए। इससे पहले हाई कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को ये दस्तावेज नेहा बोरा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। अब मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। इसी दिन नेहा बोरा को जारी नोटिस का जवाब भी अदालत में देना होगा।