भारत के छह राज्यों में मिले कोरोना के नए वेरिएंट के साथ मामलों में एक बार फिर से इजाफा देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए अगले 20 दिन चुनौतीपूर्ण हैं।
नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद भारत में कम हुए कोरोना मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। हाल ही में भारत में मिले कोरोना के नए वेरिएंट के चलते विशेषज्ञ काफी परेशान नजर आ रहे हैं। बता दें कि देश के 6 राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना में पहुंचे इस नए वेरिएंट की वजह से कोविड की तीसरी लहर की आहट की आशंका भी जताई जा रही है। देश में प्रतिदिन सामने आने वाले कोरोना मामलों की संख्या 16 हजार हो गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देश में कोरोना को लेकर अभी पैनिक की जरूरत नहीं है, हालांकि अगले 20 दिन चुनौतीपूर्ण हैं।
15 नवंबर तक साफ होगी तस्वीर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्र का कहना है कि कोरोना के मामलों में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढाव देखने को मिल रहा है। कुछ मामलों के बढ़ने से तीसरी लहर का अऩुमान नहीं लगाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह माना कि अचानक डेल्टा वेरिएंट के आने से स्थिति बिगड़ सकती है। अगर लोगों ने सावधानी बरती तो कोई खतरा नहीं है। इसको लेकर 15 नवंबर तक स्थिति साफ हो जाएगी। हाल ही में विशेषज्ञों ने कहा था कि अगर कोरोना का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया तो भारत में तीसरी लहर का खतरा टल जाएगा।
अगले 20 दिन चुनौतीपूर्ण
बता दें कि भारत में त्योहारों का सीजन चल रहा है। पहले नवरात्रि, फिर दशहरा और अब दिवाली और छठ पूजा को लेकर लोगों में उत्साह है। वहीं सरकार लोगों को लगातार कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अलगे 20 दिन चुनौतीपूर्ण हैं, त्योहारों में अक्सर लोग इकट्ठे होकर जश्न मनाते हैं। लेकिन अभी कोरोना महामारी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में हमें नियमों का सख्ती से पालन करना है।
कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए सरकार ने लोगों से ऑनलाइन शॉपिंग करने की अपील की है। वहीं 100 करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने के बाद अब सरकार देश में घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने पर विचार कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार नवंबर महीने से हर घर दस्तक महाअभियान की शुरूआत कर सकती है।