कोरोना का ओमिक्रोन वेरिएंट अब तक 23 देशों में फैल चुका है। इसके चलते दुनियाभर के देशों ने सख्त फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। यही वजह है कि 30 से ज्यादा देशों ने या तो अपने बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया है।
नई दिल्ली। कोरोना का नया ओमिक्रोन वेरिएंट दुनियाभर के लिए नई मुसीबत बन गया है। अब तक ये वेरिएंट 23 देशों में फैल चुका है। इसके चलते दुनियाभर के देशों ने सख्त फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। यही वजह है कि 30 से ज्यादा देशों ने या तो अपने बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया है। या फिर सख्त ट्रैवल बैन लगा दिया है। ऐसा कर वो कोरोना के नए नए वेरिएंट को अपने देश में आने से रोकना चाह रहे हैं।
इन देशों में पहुंचा ओमिक्रोन वेरिएंट
जानकारी के मुताबिक अब तक ओमिक्रॉन वेरिएंट ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बोत्सवाना, कनाडा, चेक गणराज्य, डेनमार्क, जर्मनी, हॉन्गकॉन्ग, इजराइल, इटली, जापान, नीदरलैंड, नाइजीरिया, पुर्तगाल, रीयूनियन, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन में पहुंच चुका हैं। वहीं आज दक्षिण कोरिया में भी इसके 5 नए मामले सामने आ हैं। बताया गया कि ये पांचों संक्रमित नाइजीरिया से यहां पहुंचे हैं।
ओमिक्रोन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए चीन में पहले से ही बॉर्डर पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए थे। यहां सिर्फ नागरिकों और परमिट होल्डर को ही देश में आने की अनुमति है। इसके साथ ही हॉन्गकॉन्ग ने दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, मलावी, मोजाम्बिक, नामीबिया और जिम्बाब्वे से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाया है। हॉन्गकॉन्ग ने इन देशों को खतरे वाले देशों की सूची में शामिल किया है।
वहीं सोमवार को हॉन्गकॉन्ग ने ट्रैवल प्रतिबंधों को बढ़ाते हुए अंगोला, इथियोपिया, नाइजीरिया और जाम्बिया को भी प्रतिबंध वाले देशों में शामिल कर लिया है। आज इस लिस्ट में बुधवार को इस लिस्ट में जापान, पुर्तगाल और स्वीडन को शामिल किया गया है। इसके साथ ही इजराइल, मोरक्को और जापान ने बॉर्डर पूरी तरह बंद कर दिए हैं।
इसके साथ ही अंगोला, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कंबोडिया, कनाडा, इक्वाडोर, मिस्त्र, फिजी, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, कुवैत, मलेशिया, मालदीव, माल्टा और नीदरलैंड्स जैसे देशों ने ओमिक्रोन वेरिएंट के चलते मामूली प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि देशों की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने से इस वेरिएंट को दुनियाभर में फैलने से रोका नहीं जा सकता है। इसके लिए हमें व्यापक इंतजाम करने होंगे।