
Pankaj Chaudhary Statement: उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर कांग्रेस की टिप्पणियों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अच्छी सलाह देने वाले लोगों को नियुक्त करना चाहिए। चौधरी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बारे में जिस तरह से बात करते हैं, उस पर कांग्रेस को विचार करने की जरूरत है।
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मोहन भागवत के खिलाफ जिस तरह की बयानबाजी की जा रही है, उससे कांग्रेस अपना ही नुकसान कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को ऐसे लोगों की जरूरत है, जो उसे सही सलाह दे सकें।
पंकज चौधरी ने राहुल गांधी की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बारे में बोलते समय सोच-विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बारे में बात करते हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि उन्हें अच्छी सलाह देने वाले लोगों को नियुक्त करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी और मोहन भागवत के बारे में जिस तरह की बातें की जा रही हैं, उससे वे अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम कर रहे हैं। चौधरी ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी के मौजूदा तौर-तरीकों पर उसे आत्ममंथन करने की जरूरत है।
दरअसल, हाल ही में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कथित तौर पर चुनावी प्रक्रिया को हाईजैक करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसे 'वोट चोरी' का मामला बताते हुए कहा था कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे INDIA ब्लॉक के मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शन स्थल पर राहुल गांधी ने कहा था कि देश के साथ जो किया गया है, वह देशद्रोह है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत या ज्ञानेश कुमार, इनमें से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
बातचीत के दौरान पंकज चौधरी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी की रणनीति पर भी अपनी बात रखी। मौजूदा विधायकों के टिकट काटने को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि पार्टी में 40 या 50 फीसदी विधायकों के टिकट काटने का कोई तय फॉर्मूला नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी परिवार या एक व्यक्ति के इशारे पर चलने वाली पार्टी नहीं है। उम्मीदवारों के चयन में संगठन के विभिन्न स्तरों से मिलने वाले सुझावों और जिला अध्यक्षों की राय को भी महत्व दिया जाता है।
चौधरी के मुताबिक, पार्टी का मुख्य उद्देश्य चुनाव जीतना है और इसी आधार पर उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे। टिकट वितरण में महिलाओं की भागीदारी, जातीय समीकरण, उम्मीदवार की जीतने की क्षमता और सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं और वर्ष 2027 में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। वहीं, कांग्रेस भी राज्य में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन, जातीय समीकरणों और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर सभी दलों की रणनीति पर नजर बनी हुई है।