न्यूजीलैंड में लोग कोरोना टीकाकरण और लॉकडाउन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते आज लोगों ने संसद के सामने मोटरसाइकिल रैली निकालकर अपनी विरोध जाहिर किया।
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर हैं। खास बात यह है कि ये लोग कोरोना टीकाकरण और लॉकडाउन का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को हजारों लोगों ने मंगलवार को न्यूजीलैंड के संसद के सामने मोटरसाइकिल रैली के जरिए विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के चलते संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो टीकाकरण और लॉकडाउन के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
लॉकडाउन से आजादी मांग रहे लोग
प्रदर्शन के दौरान लोग ‘नो मोर लॉकडाउन’ का बैनर अपने हाथों में लिए दिखे। प्रदर्शनकारी सरकार से उन्हें लॉकडाउन के पहले जैसे आजादी देने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकरियों का कहना है कि उन्हें साल 2018 वाला खुला और आजाद माहौल चाहिए। वहीं इस मामले में प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कहा कि कोरोना मामलों में कमी आने के साथ हम नियमों में ढील दे रहे हैं। देश के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड की तालाबंदी इस महीने के अंत में खत्म हो सकता है। वहीं आज से कोरोना वायरस प्रतिबंधों में कुछ ढील भी दी गई है।
पीएम जैसिंडा ने दी प्रतिक्रिया
जैसिंडा अर्डर्न का कहना है कि कोरोना के चलते लॉकडाउन जैसी पाबंदियां जरूरी है। अगर ढील दी गई तो कोरोना घातक हो सकता है, जिसका परिणाम पूरे देश को भुगतना होगा। बता दे कि कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के फैलने के बाद ऑकलैंड में करीब 3 महीने से लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में लोगों ने अब प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया जा रहा है।
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गौरतलब है कि कल प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न का ऑकलैंड दौरा है। माना जा रहा है कि यहां उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। अगर देश में कोरोना के मामलों की बात करें तो न्यूजीलैंड में पिछले एक सप्ताह में डेल्टा वेरिएंट के हर दिन लगभग 150 नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं कुल मरीजों का आंकड़ा 4,500 को पार कर चुका है। प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने सोमवार को कहा कि 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के बीच शहर की टीकाकरण दर में सुधार का मतलब है कि धीरे धीरे लॉकडॉउन में कटौती जारी रह सकती है।