पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीजेपी साथ लड़ने का ऐलान कर दिया है। खबरें आ रही हैं कि बीजेपी 70-80 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति बन पाएगी।
नई दिल्ली। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं चुनाव में पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और भारतीय जनता पार्टी ने साथ उतरने का ऐलान कर दिया है। वहीं अब कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि बीजेपी राज्य की 117 सीटों में से 70-80 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। वहीं अभी दोनों पार्टियों की ओर से सीएम के चेहरे को लेकर भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जहां तक बीजेपी ही अपने किसी नेता को सीएम चेहरे के तौर पर उतारेगी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बीजेपी और कैप्टन में सीटों के बंटवारे पर सहमति बन पाएगी।
क्या सीट शेयरिंग पर फंसेगी बात
बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से अभी तक चुनाव के लिए सीटों पर कोई बयान नहीं दिया है। उनका कहना है कि जीतने की संभावना के आधार पर सीटों को बंटवारा किया जाएगा। बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में दिल्ली में बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात के बाद बीजेपी संग गठबंधन का ऐलान कर दिया था। पंजाब पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि भाजपा के साथ हमारा गठबंधन तय हो गया है, हम विधानसभा चुनाव में साथ में लड़ेंगे। अब सिर्फ सीट शेयरिंग पर बात होना बाकी है।
सीनियर पार्टी का रोल निभाना चाहती है बीजेपी
इस दौरान सीटों के बंटवारे पर सवाल पूछने पर कैप्टन ने कहा कि इसके लिए यह देखना होगा कि किस पार्टी का प्रत्याशी कहां से जीत सकता है, इसके आधार पर ही सीटों का बंटवारा होगा। जानकारों का कहना है कि बीजेपी कई सालों से अकाली दल के साथ मिलकर पंजाब में चुनाव लड़ती थी। वहीं पंजाब में बीजेपी अकाली दल की जूनियर पार्टी की भूमिका निभाती थी। अब जब किसानों के मुद्दे पर अकाली दल, बीजेपी से अलग हो गया है तो भाजपा कैप्टन की पार्टी संग सीनियर पार्टनर के रोल में रहना चाहती है।
बीजेपी और कैप्टन कर रहे जीत का दावा
वहीं बीजेपी ने अभी तक चुनाव के लिए बीजेपी कभी मुख्यमंत्री के चेहरे भी साफ नहीं किया है। इस पर बीजेपी से जुड़े सूत्र कह रहे हैं कि पार्टी कभी सीएम चेहरे को आगे कर चुनाव नहीं लड़ती। हालांकि कैप्टन और बीजेपी इस गठबंधन के साथ जीत का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब पंजाब में बदलाव का समय आ गया है।