
नई दिल्ली। लंबे इंतजार के बाद पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की कैबिनेट पूरी हो गई है।आज शाम राज्यपाल ने 15 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बता दें कि मंत्रियों की लिस्ट पर कांग्रेस आलाकमान की मुहर के बाद कल पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्यपाल से मुलाकात कर शपथ ग्रहण के समय मांगा था। इसके बाद आज राज्यपाल ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
नई कैबिनेट में इन नामों के शामिल होंने की उम्मीद
15 नए मंत्रियों की शपथ के बाद पंजाब की नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या 18 हो गई है।इससे पहले पंजाब कैबिनेट में तीन सदस्य मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी थे। बता दें कि नई कैबिनेट में पंजाब सीएम और दो डिप्टी सीएम के बाद आज ब्रह्म मोहिंद्रा, भारत भूषण आशु, मनप्रीत सिंह बादल, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, अरूणा चौधरी, रजिया सुल्तान, विजय इंदर सिंगला, रणदीप सिंह नाभा, राजकुमार वेरका, संगत सिंह गलजियान, परगट सिंह, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरकीरत सिंह कोटली, सुखविंदर सिंह सरकारिंया ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है।
पार्टी हाईकमान के करीबियों की संख्या ज्यादा
माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब की नई कैबिनेट के माध्यम से राज्य कांग्रेस को पूरी तरह अपने कंट्रोल लेने के साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित अन्य नेताओं के प्रभाव को बेअसर करने के लिए सियासी बिसात बिछाई है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने 6 दिन के मंथन के बाद मंत्रियों की लिस्ट फाइनल की है। जानकारी के मुताबिक कैबिनेट में कैप्टन के खास रहे पांच पूर्व मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई और सात नए चेहरों को जगह दी गई है। इनमें राहुल गांधी या हाईकमान के करीबियों की संख्या ज्यादा है।
जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कई मंत्रियों को नई कैबिनेट में जगह नहीं दी जाएगी। पूर्व सीएम के कुछ मंत्रियों को पदों से हटाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद रिपोर्ट तैयार की थी और इसमें भष्टाचार को आधार बनाया था। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने हर पहलू पर मंथन करने के बाद नाम फाइनल किए हैं, यही वजह कि मंत्रिमंडल विस्तार में 6 दिन का समय लग गया।