
Ramayan Lakshman on E20 Petrol: देशभर में इथेनॉल-मिश्रित E20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे को अब मनोरंजन जगत के दिग्गज और टीवी सीरियल 'रामायण' में लक्ष्मण का कालजयी किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता सुनील लहरिया का भी साथ मिल गया है।
सुनील लहरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा अनुरोध करते हुए जनता पर जबरन फैसला न थोपने और पेट्रोल पंपों पर पुराने ईंधन के विकल्प खुले रखने की अपील की है।
बता दें कि अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सामने आए इस घटनाक्रम में अभिनेता सुनील लहरिया ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा है कि देश की जनता इस नए E20 पेट्रोल के एक्सपेरिमेंट (प्रयोग) से काफी परेशान है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए और उपभोक्ताओं को यह चुनने की आजादी होनी चाहिए कि वे अपने वाहनों में कौन सा ईंधन डालना चाहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे जनता को ईंधन के अन्य वेरिएंट्स चुनने का विकल्प प्रदान करें।
यह मामला तब गरमाया जब 'आप' प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार पर जनता के भारी विरोध के बावजूद जबरन E20 ईंधन थोपने का गंभीर आरोप लगाया था। केजरीवाल ने मांग की थी कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग कीमतों के साथ E20, E10 और E0 (बिना इथेनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल) के विकल्प उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि जनता अपनी पसंद और गाड़ी की क्षमता के अनुसार ईंधन खरीद सके।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों (जैसे मारुति सुजुकी, टोयोटा, हुंडई, हीरो, बजाज और टीवीएस) पर दबाव बना रही है कि वे मीडिया में आकर झूठ बोलें और जनता को यह भरोसा दिलाएं कि E20 ईंधन से गाड़ियों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की बात कहते हुए सवाल उठाया था कि अगर इस ईंधन से गाड़ियों के इंजन खराब होते हैं या माइलेज गिरता है, तो इसका हर्जाना कौन भुगतेगा?
दूसरी ओर, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन सभी चिंताओं और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को पूरी तरह 'अफवाह' करार दिया है। सरकार का तर्क है कि कच्चे तेल के आयात को घटाने, देश का पैसा बचाने और प्रदूषण कम करने के लिए इथेनॉल ब्लेंडिंग (20% इथेनॉल मिश्रण) का यह फैसला पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षणों पर आधारित और देशहित में है।