
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह । ( फोटो: ANI)
Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या श्री राम मंदिर में दान चोरी की चल रही जांच पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं खुद दस साल तक मुख्यमंत्री रहा हूं, इसलिए मुझे अच्छी तरह पता है कि SIT में कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी होते हैं। हम जानते हैं कि किसे बचाना है और किसे नहीं, इस बारे में फैसले कैसे लिए जाते हैं। इस मामले में ऊपर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और निश्चित रूप से RSS प्रमुख मोहन भागवत का भारी दबाव है। मैं अखिलेश यादव को बधाई देता हूं कि उन्होंने इस पूरे मामले को देश के सामने उजागर किया।
राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि सिंधी समुदाय का क्या? उन बेचारे लोगों ने जो दो क्विंटल वजन के 200 पत्थर दान किए थे, उनका क्या हुआ? आपने उन्हें रसीद तक नहीं दी। सिंधी लोग आपके कितने समर्पित अनुयायी हैं। उन्होंने किसी को नहीं बख्शा और वे किसी को नहीं बख्शेंगे। ये भ्रष्ट लोग हैं जो धर्म को व्यापार में बदल रहे हैं।
कांग्रसे नेता ने कहा कि मेरे गुरु, जिनसे मैंने दीक्षा ली थी और जो द्वारका पीठ और जोशीमठ दोनों के शंकराचार्य थे, वे मुझसे कहते थे, जो कोई भी गेरुआ वस्त्र पहनकर व्यापार करे, उसका विरोध करना चाहिए।
शास्त्रों में लिखा है कि यह राजा का कर्तव्य है, यदि वह किसी को गेरुआ वस्त्र पहनकर व्यापार करते हुए देखे, तो उसे उस व्यक्ति के गले में पत्थर बांधकर नदी में फेंक देना चाहिए। मैंने उनसे कहा, लेकिन तब तो मुझ पर धारा 302 का आरोप लग जाएगा। मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करूंगा। आज हर कोई गेरुआ वस्त्र पहनकर व्यापार करता है, धर्म व्यापार की कोई वस्तु नहीं है। राजनीति बांटती है, जबकि धर्म जोड़ता है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि RSS के साथ विवाद का केवल एक ही बिंदु है: सभी धर्मों का सम्मान करें। सनातन धर्म वह है जो सभी आस्थाओं का सम्मान करता है। किसी भी धर्म के खिलाफ न बोलें और न ही उनके अनुयायियों के साथ अन्याय करें। 'हिंदू' शब्द हमारे धर्म का नाम नहीं है, हमारी आस्था सनातन धर्म है। 'हिंदू' असल में एक फारसी शब्द है, फिर भी आप एक फारसी शब्द के आधार पर 'हिंदू राष्ट्र' की वकालत करते हैं।
Updated on:
07 Jul 2026 04:29 pm
Published on:
07 Jul 2026 03:24 pm
