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चंपत राय के इस्तीफे को विश्व हिंदू परिषद ने बताया सही, राम मंदिर ट्रस्ट के लिए सीईओ अपॉइंट करने वकालत की

Ram Mandir Trust: राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद विवाद तेज हो गया है। वीएचपी ने ट्रस्ट के फैसले का समर्थन करते हुए पारदर्शिता बढ़ाने की बात कही, जबकि कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने ट्रस्ट को भंग करने की मांग उठाई और सरकार पर सवाल खड़े किए।
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भारत

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Anurag Animesh

Jul 07, 2026

champat rai

राम मंदिर चंदा चोरी विवाद(फोटो-ANI)

Champat Rai Resignation: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हालिया बैठक में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति का फैसला किया है, जिसके लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई गई है। अंतरिम महासचिव के रूप में कृष्ण मोहन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फैसला मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े अनियमितताओं के आरोपों के बाद पारदर्शिता और भरोसा बहाल करने के लिए लिया गया है।

अब इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। राजनितिक पार्टियों के साथ ही कई संगठन ने भी अपना पक्ष रखा है। विश्व हिंदू परिषद का बयान भी इस मामले में आया है। वीएचपी ने इस फैसले को सही बताया है।

विश्व हिंदू परिषद ने क्या कहा?


श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मीटिंग के बारे में बोलते हुए VHP के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट आलोक कुमार ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि कल की मीटिंग बहुत प्रोडक्टिव थी। मुझे खुशी है कि ट्रस्ट ने चोरी की बात मानी और माना कि इससे हिंदू समुदाय को दुख हुआ है। मैंने देखा है कि ट्रस्ट शुरू से ही चोरों को जल्दी पकड़ने की कोशिश कर रहा है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है, और ट्रस्ट ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए, उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है।

आलोक कुमार ने आगे कहा कि ट्रस्ट ने यह भी माना कि इतना बड़ा प्रोजेक्ट सिर्फ भरोसे पर नहीं चल सकता। CEO अपॉइंट करने का काम एक कमेटी को सौंपा गया है, और इस रोल के लिए सिर्फ एक काबिल व्यक्ति को ही चुना जाएगा। इस तरह की घटना न हो इसलिए कई उपाय लागू किए जाएंगे, इसलिए मुझे भरोसा है कि भविष्य में राम मंदिर के लिए मिले फंड का एक भी रुपया चोरी नहीं होगा।

कांग्रेस लगातार कर रही हमले


चंपत राय के इस्तीफे के बाद से कांग्रेस लगातार ट्रस्ट, आरएसएस और बीजेपी पर हमलावर है। एक दिन पहले गई पवन खेड़ा ने कई सवाल उठए थे। अब फिर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने प्रेस कांफ्रेंस करके जुबानी हमला किया है।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही चंदे में कथित गड़बड़ी की जानकारी सामने आई थी, उसी समय सरकार को ट्रस्ट भंग कर देना चाहिए था। उनका कहना था कि अब भी देर नहीं हुई है और सरकार यदि ट्रस्ट को भंग करती है तो लोगों का विश्वास दोबारा कायम हो सकता है।