नई दिल्ली

सिफारिश: महंगाई दर के अनुसार बढऩी चाहिए न्यूनतम पेंशन और मजदूरी दर

नई दिल्ली। श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष बसवराज बोम्मई ने लोकसभा में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की अनुदान की मांगों (2026-27) पर पंद्रहवीं रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में देशभर में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, उचित मजदूरी सुनिश्चित करने और श्रम प्रशासन के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से कई परिवर्तनकारी […]

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नई दिल्ली। श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष बसवराज बोम्मई ने लोकसभा में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की अनुदान की मांगों (2026-27) पर पंद्रहवीं रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में देशभर में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, उचित मजदूरी सुनिश्चित करने और श्रम प्रशासन के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से कई परिवर्तनकारी सिफारिशों का रोडमैप तैयार किया गया है। समिति ने वर्तमान पेंशन 1000 रुपए को नाकाफी बताते हुए इसमें बढ़ोतरी की सिफारिश की है।

न्यूनतम पेंशन में वृद्धि हो

वर्तमान लाभों की अपर्याप्तता को रेखांकित करते हुए, समिति ने ईपीएस 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन की तत्काल समीक्षा और वृद्धि की सिफारिश की है, जो वर्तमान में केवल 1,000 रुपए प्रति माह है। वहीं पेंशन को 7500 रुपए करने की मांग को लेकर जंतर मंतर पर धरना भी चल रहा है।

राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी स्तर

रिपोर्ट में जीवन यापन की बढ़ती लागत और मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी स्तर में ऊपर की ओर संशोधन की सिफारिश की है। समिति ने कमजोर श्रमिकों की वास्तविक आय की रक्षा के लिए स्वचालित आवधिक संशोधन तंत्र का भी सुझाव दिया है।

गिग श्रमिकों के लिए अनिवार्य ई-श्रम पंजीकरण

समिति ने एग्रीगेटर्स की ओर से ई-श्रम पोर्टल पर गिग श्रमिकों का पंजीकरण अनिवार्य करने की सिफारिश की है। सरकार से एग्रीगेटर की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने की सिफारिश की है ताकि इन श्रमिकों को बीमा और दुर्घटना कवर जैसी सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

अनुबंध श्रमिकों के लिए सुरक्षा

कई अनुबंध श्रमिकों को दुर्घटना के बाद राहत मिलने में देरी का सामना करना पड़ता है, समिति ने ईएसआई (श्वस्ढ्ढ) और भविष्य निधि योजनाओं के तहत समय पर कवरेज सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

बाल श्रम उन्मूलन के लिए समर्पित ढांचे की बहाली

समिति ने सर्व शिक्षा अभियान के साथ राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के विलय पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की है, ताकि बाल श्रम के उन्मूलन और पुनर्वास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा सके।

रोजगार सृजन और निगरानी

समिति ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत वास्तविक समय निगरानी की मांग की है ताकि जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ नौकरियां पैदा करने के लक्ष्य को सुनिश्चित किया जा सके।

खदान सुरक्षा का आधुनिकीकरण

नए श्रम संहिताओं के तहत बढ़ी हुई जिम्मेदारियों को देखते हुए, मंत्रालय से खान सुरक्षा महानिदेशालय में रिक्तियों को जल्द भरने और आधुनिक निगरानी प्रौद्योगिकियों को अपनाने की सिफारिश की है।

स्थायी समन्वय और संपर्क बोर्ड का गठन हो

योजनाओं और श्रम संहिताओं के सुचारू कार्यान्वयन के लिए, समिति ने केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ एक स्थायी समन्वय और संपर्क बोर्ड के गठन की सिफारिश की है।

Published on:
18 Mar 2026 02:45 pm
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