
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को कृषि भवन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुलाकात की। बैठक में राज्य में संचालित 'विकसित भारत-जी राम जी', मनरेगा, सूक्ष्म सिंचाई सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने ग्राम सभा आधारित विकास, पारदर्शी फंड उपयोग और ग्रामीण रोजगार को और गति देने पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में ग्राम सभा के माध्यम से विकास कार्यों के चयन और ग्राम चौपाल के जरिए योजनाओं की निगरानी को ग्रामीण विकास का प्रभावी मॉडल बताया गया। दोनों नेताओं ने कहा कि गांवों की जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तय होने से स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो रहा है और रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजस्थान में ग्रामीण विकास कार्यक्रम संतोषजनक ढंग से लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना के तहत अब तक 445 करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 200 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। शेष राशि के उपयोग के बाद लगभग 180 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत वर्षभर में लगभग 12 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों के माध्यम से राज्य के प्रत्येक गांव के सुव्यवस्थित विकास का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान ने वीबी जी राम जी योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है। ग्राम सभा और ग्राम पंचायत स्तर पर यह तय किया जा रहा है कि गांव में कौन-कौन से विकास कार्य किए जाएंगे। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क, जल संरक्षण, सिंचाई, सामुदायिक परिसंपत्तियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना में राजस्थान के प्रदर्शन की भी सराहना की। उनके अनुसार राज्य ने स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध उपयोग किया है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। साथ ही मनरेगा के तहत सामग्री और मजदूरी भुगतान का पारदर्शी मिलान सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार का भुगतान लंबित न रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों के माध्यम से तय किए गए विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की भागीदारी को विकास प्रक्रिया का केंद्र बनाया गया है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री की ग्राम चौपाल पहल का भी उल्लेख किया गया।